खबर हेमंत तिवारी
पांडुका/ सिंचाई विभाग के एसडीओ के साथ ब्लैकमेलिंग जाति सूचक गाली देने और बर्खास्त करने की धमकी देने के मामले में जिले के पाण्डुका पुलिस ने भाजपा के सूचना अधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रीतम सिन्हा के विरुद्ध अलग-अलग धाराओं में कृत्य धारा 294, 384 भादवी. 3 (1) (द), 3 (1) (ध), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1984 का अपराध घटित करना पाए जाने से आरोपी के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध (एफआईआर दर्ज) कर विवेचना में लिया गया है।

बता दें कि बीते माह जून में विभाग के एसडीओ ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी। विभाग की जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है एसडीओपी पुष्पेंद्र नायक ने इसकी पुष्टि भी की है वहीं सूत्रों से पता चला है कि एफ़आईआर दर्ज होने के बाद प्रीतम सिन्हा पांडुका से फरार हो गए हैं। पुलिस उसकी खोजबीन में जुट गई है जानकारी के मुताबिक सिंचाई विभाग के उप संभाग क्रमांक 2 पांडुका व फिंगेश्वर के अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी एसडीओ कुलेश्वर जोशी ने प्रीतम सिन्हा के विरुद्ध ब्लैकमेलिंग जाति सूचक गाली देने और बर्खास्त कराने की धमकी देने की शिकायत पाण्डुका थाना में दर्ज कराई थी। मामला गंभीर होने के चलते पहले अनुविभागी स्तर पर मामले की जांच की गई जांच में सही पाए जाने के बाद पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर लिया जानकारी के मुताबिक पूर्व मंडल अध्यक्ष भाजपा पांडुका वा आरटीआई स्पेशलिस्ट प्रीतम सिन्हा ने सिंचाई विभाग के एसडीओ के विरुद्ध सूचना के अधिकार के तहत उनके दौरा दयनदनी की जानकारी मांगी थी। निजी जानकारी होने के चलते विभाग ने जानकारी नहीं दी जिसके बाद प्रीतम सिंह ने उच्च अधिकारी के पास अपील की। अपील की सुनवाई 27 जून को होनी थी इसी दिन प्रीतम सिन्हा अचानक एसडीओ के कार्यालय पहुंचे और अपील वापस लेने के नाम पर 15 हजार की मांग की, एसडीओ ने रुपए देने से मना किया तो प्रीतम सिन्हा उत्तेजित होकर पूरे स्टाफ के सामने एसडीओ से गाली गलौज करने लगे और धमकी देते हुए कहा कि पैसे नहीं दिए तो तुम्हें भी बर्खास्त करवा दूंगा जैसे पूर्व एसडीओ जे पी सुमन को निलंबित करा दिया था। उसे समय अभियंता कुलदीप बंजारे, अखिलेश यादव उप अभियंता, एवं वाहन चालक दुष्यंत निर्मलकर उपस्थित था।

जिसके बाद एसडीओ वहां से निकल गए उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी देने के बाद मामले की पुलिस में शिकायत पुलिस से की। मालूम हो कि जिले में सूचना अधिकार लगाने और वसूली करने के नाम से सुर्खियों में रहने वाले भाजपा के सूचना अधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्य समिति सदस्य से जिले के कई विभाग के अफसर परेशान थे। सिंचाई विभाग में बीते 7-8 सालों से लगातार सूचना का अधिकार को लेकर प्रीतम सिन्हा का नाम चर्चा में रहता था अंततः लंबा समय से सिंचाई विभाग का सिरदर्द बने भाजपा के सूचना अधिकार प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रीतम सिन्हा विभाग और पुलिस के रडार में आ ही गए। दूसरी तरफ एफ़ आई आर दर्ज होने के बाद उनकी आरटीआई गैंग भी सकते में आ गई है दबे जुबान कई अधिकारी भी उनके विरुद्ध शिकायत मैं जुट गए हैं। साथ ही भाजपा के लिए यहां विधान सभा चुनाव में परेशानी खड़ा कर सकता है।क्यों की स्थानीय स्तर पर कांग्रेस इसे चुनावी मुद्दा बना सकता है।
