संक्रामक बीमारियां ढा रही कहर ,इनसे बचाने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों की नही हुई बहाली

दुर्ग जिले में 207 कर्मचारी अभी भी है निलंबित

1माह से बच्चो को नही लग पा रहे जीवनरक्षक टीके

दुर्ग। जिले में डेंगू,मलेरिया ,डायरिया,वायरल फीवर जैसी खतरनाक संक्रामक बीमारियां कहर बनकर लोगो को परेशान कर रही है जिसके कारण लोगो को स्वास्थ्य के साथ साथ अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ रही है क्योंकि इन सब संक्रामक बीमारियों से निपटने वाला मैदानी अमले ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजको की बहाली अब तक नही हो पाया है । सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के बैनर तले दुर्ग जिले से करीब 500 डॉक्टरर्स, स्टॉफ नर्सेस एवं आरएचओ 21 अगस्त से 13 सितंबर तक अनिश्चितकालीन हड़ताल में रहे थे इस दौरान छत्तीसगढ़ के बहुत सारे जिलों में 4 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को एस्मा लगाकर बर्खास्त व निलंबित कर दिया गया जिसमें दुर्ग जिले से 207 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था । 13 सितम्बर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त तो हो गया लेकिन बर्खास्त व निलंबित अमले की बहाली अभी तक नही हो पाई है । इतने बड़े संख्या में कर्मचारियों की बहाली नही होने से निश्चित तौर पर स्वास्थ्य विभाग को बड़ा झटका लगा है और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमो का क्रियान्वयन नही हो पा रहा है। इधर बेमौसम बारिश के वजह से सर्दी खांसी ,वायरल फीवर ,डेंगू, मलेरिया, डायरिया के मरीज बढ़ते जा रहे हैं जो स्थानीय स्तर पर इलाज के अभाव में बड़े अस्पतालों के रुख कर रहे हैं जिससे उनको स्वास्थ्य के साथ साथ आर्थिक हानि भी उठानी पड़ रही है पिछले दिनों पाटन ब्लॉक के सांतरा में डायरिया ने आतंक मचाया लेकिन वहाँ कार्यरत दो कर्मचारी निलंबित है जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा इसके अलावा सरकार द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल के लिए चलाए जाने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम शिशु संरक्षण माह ,मिशन इंद्रधनुष ,नियमित टीकाकरण ,गर्भवती महिलाओं की जांच उपचार ,शिशुओं की जांच उपचार एवं परामर्श,परिवार नियोजन परामर्श ,मोतियाबिंद मरीजो की पहचान व ऑपरेशन, टीबी कुष्ठ रोगियों का फॉलो अप ,सामान्य बीमारियों का इलाज आदि कार्य पिछले 1 माह से बंद पड़े हैं । सवाल यह है कि निलंबित कर्मचारियों की बहाली नही होने से आम नागरिक परेशान हैं और जिम्मेदार अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेकर स्वास्थ्य कर्मचारियों की बहाली शीघ्र करनी चाहिए ताकि आमजनों को तुरंत स्वास्थ्य लाभ मिलना प्रारंभ हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *