खेलों का इतिहास मनुष्य के इतिहास जितना ही पुराना है।प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त का दिन हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यान चंद के जन्मदिवस पर उनके सम्मान में ‘ खेल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। यह वर्ष 2012 से मनाया जाता आ रहा है। इस दिन स्कूलों कॉलेजों आदि में विभिन्न प्रकार की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। शासकीय नवीन महाविद्यालय में भी 29.08.2023 को क्रीड़ा अधिकारी प्रो.सतीश कुमार गोटा एवं सदस्य प्रो.पूजा पाण्डेय के निर्देशन में खेल दिवस पर कार्यक्रम एवं विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम राजकीय गीत से करते हुए हॉकी के जादूगर पद्मभूषण ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए किया गया ।डॉ.पूजा पाण्डेय ने अपने व्याख्यान में ध्यानचंद के जीवन संघर्ष और उनकी उपलब्धियों से छात्र-छात्राओं को परिचित कराया ।कार्यक्रम में आगे प्रो.वेद प्रकाश सिंह प्रो. विनीता प्रो.रितु श्रीवास्तव प्रो. नूतन कुमार देवांगन और महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य प्रो.श्रीमती निवेदिता मुखर्जी का उद्बोधन हुआ उन्होंने बच्चों को खेल दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए उन्हें खेल एवं उसके महत्व से अवगत कराया अंत में कार्यक्रम अधिकारी सतीश कुमार गोटा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु सभी को धन्यवाद दिया तथा कार्यक्रम का संचालन कर रही डॉ. ममता के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की ।तदुप्रांत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमे 100 मी. दौड़, भाला फेंक, गोला फेंक ,तवा फेंक, कैरम, चेस का आयोजन किया गया । जिसमें छात्र – छात्राओं ने पूरे जोश और उत्साह से प्रतिभागिता की ।इस प्रकार कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के समस्त सदस्यों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।
शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली में हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यान चंद के जन्मदिवस पर उनके सम्मान में ‘ खेल दिवस’ के रूप में मनाया
