खबर हेमंत तिवारी राजिम। गरियाबंद जिले मे समग्र शिक्षा विभाग के तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक श्याम चंद्राकर पर खेलगढ़िया मद के राशि से स्कूलो में टी वी खरीदने और जम कर अनियमिता बरत कर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे थे जिसकी जाँच कलेक्टर ने जाँच समिति बनाई थी जिसमें जिला स्तरीय अधिकारी शामिल रहे अपर कलेक्टर गरियाबंद सहित समिति के सदस्यों ने जाँच में तत्कालीन डी एम सी श्याम चंद्राकर को दोषी मानते हूये कलेक्टर को जाँच रिपोर्ट सौंपी थी ।तत्कालीन कलेक्टर गरियाबंद नम्रता गांधी ने जाँच में दोषी पाए जाने पर कार्यवाही हेतु संचालक लोक शिक्षण जो नियोक्ता है को भेजी कार्यवाही लंबित रहीं बल्कि कलेक्टर प्रभात मलिक ने श्याम चंद्राकर के विरूध्द कार्यवाही हेतु सचिव को पत्र लिखा फ़िर भी आज पर्यन्त तक दोषी पर कार्यवाही ना कर उसे जिला में खेल अधिकारी के रूप में नवाज दिया गया है। जिससे मौजूदा सरकार की जमकर आलोचना हो रही है। तो दूसरी तरफ यह मामला शिक्षा विभाग की किरकिरी साबित हो रही है ।और गरियाबंद जिले के प्रशासनिक व्वस्था पर सवाल खड़े हो रहा है।जिससे भ्रष्ट लोगो को प्रशासनिक संरक्षण देकर सरकार की छवि प्रशासन खराब कर रहा वहीं मामले पर संचालक लोक शिक्षण ने पुनः कार्यवाही के करने कलेक्टर गरियाबंद को मूल जाँच प्रतिवेदन मांगी है ताकि कार्यवाही कर सके। बता दे की तात्कालिक डी एम सी ने खेलगड़िया मद जिससे प्राथमिक शाला और माध्यमिक शाला के बच्चो के लिए खेल सामग्री खरीदी जानी थी । वहा टीवी खरीदा गया था ।खासकर जिले के मैनपुर ब्लॉक सहित गरियाबंद और छुरा ब्लॉक में जमकर धांधली की गई थी ।जब इस मामले की सूचना के अधिकार अधिनियम से सत्यापित दस्तावेज निकालकर उसमें पड़ताल किया तो छुरा ब्लॉक के कई स्कूलों में शिक्षक टीवी खारीदकर अपने घरों में ले गए थे ।और जहा बिजली नही है उस स्कूल में टी वी खरीदा गया था।तो कई स्कूलों में खेल सामग्री के विपरीत समान खरीदा गया था तो कई स्कूलों में शिक्षको ने दुकाकर से मिलकर फर्जी बिल लगाए व राशि हड़प कर लिए थे। खास बात यह है कि आज भी इस मामले को लेकर लोगो में उत्सुकता बनी है।और लोग बेसब्री से कारवाही होने का इंतज़ार कर रहे हैं।
खेलगढ़ियां मद में हूये भ्रष्टाचार की कार्यवाही के आसार ,,डी पी आई संचालक ने मांगी कलेक्टर से जांच रिपोर्ट ,तत्कालीन डीएमसी श्याम चंद्राकर पर हो सकती है बड़ी कार्यवाही
