भिलाई। उप स्वास्थ्य केन्द्र पुरैना भिलाई-3 में महावारी स्वच्छता प्रबंधन दिवस पर संगोष्ठी सम्पन्न हुआ। जिसमें खंड विस्तार प्रशिक्षक स्वास्थ्य अधिकारी सैय्यद असलम ने बताया कि सामान्यत इस विषय पर किशोरियों को जागरूक किया जाए। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष शर्मा ने बताया कि महावारी जिसको मासिक धर्म या चक्र कहते हैं प्राकृतिक प्रक्रिया है जो 9 वर्ष की किशोरियों में शुरू होकर 60 वर्ष तक रहती है। चुप्पी तोडो खुल कर बात करो इस अभियान में किशोरियों एंव महिलाओं को विश्व महावारी स्वच्छता प्रबंधन दिवस पर बताया गया कि इस दौरान स्वचछ कपड़े या सेनेटरी नेपकिन का उपयोग करना चाहिए,एक पेड को एक बार उपयोग करना चाहिए। 3 से 4 घंटे के भीतर बदल देना चाहिए। ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजिका श्रीमती अनसुईया साहू ने बताया कि इस दौरान पौष्टिक आहार लेना चाहिए। शर्म एवं झिझक नहीं बल्कि अपनी मां, बहन, भाभी, मितानिन और क्षेत्रीय स्वास्थ्य संयोजिक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को बताना चाहिए। इन दिनों में चिड़चिड़ापन, कमजोरी ओर थकान हो सकती है डा भुनेश्वर कठौतिया प्रभारी चिकित्सा अधिकारी भिलाई 3 ने बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट यानि उपयोग किया गया पेड को खुली जगह नहीं फेंकना चाहिए बल्कि निगम के स्वच्छता अभियान के पीले एंव लाल डब्बे में डालना चाहिए। शरीर की स्वच्छता, गुप्तांग एरिया में साफ सफाई ,ओर निजी कपड़ों की स्वच्छता एवं कडी धूप में सूखाकर उपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर 20 किशोरियो को सेनेटरी नेपकिन वितरण किया गया। कार्यक्रम में मितानिन अरूद्रा ,जानकी,के मंगा देवी, शांति, पिंकी बाग,कल्याणी,धनभती बाग,बिंदा उपस्थित रहे।
उपस्वास्थ्य केंद्र पुरैना में माहवारी स्वच्छता पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ
