7 दिवस भीतर अन्यत्र स्थानांतरण के आश्वासन के बाद वापस लौटी महिलाएं,,,,बासीन शराब दुकान को मुख्य मार्ग से हटाने ग्रामीण महिलाओं ने खोला मोर्चा, किया जमकर हंगामा

खबर हेमंत तिवारी ,,, राजिम- आज सोमवार को क्षेत्र के ग्राम पंचायत बासीन स्थित शराब दुकान को अन्य जगह स्थानांतरित करने की मांग को लेकर ग्राम बासीन की महिलाएं बड़ी संख्या में संयुक्त महिला मोर्चा के तत्वावधान प्रदर्शन रैली निकाला गया। शराब दुकान स्थानांतरण के मांग को लेकर इस नवतपा के चिलचिलाती धूप में गांव के मुख्य चौक से निकली रैली में महिलाएं जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए में शराब दुकान तक पहुंची। जहां फिंगेश्वर थाना समेत जिला पुलिस बल की टीम भीड़ पर काबू करने पहले से तैनात थे। इस बीच ग्रामीण महिलाओं द्वारा कलेक्टर के नाम फिंगेश्वर के नायब तहसीलदार खोमन ध्रुव को ज्ञापन सौंपा गया। आबकारी विभाग से पहुंचे निरीक्षक टेकबहादुर कुर्रे ने ग्रामीण महिलाओं की मांग को ध्यान से सुनकर रैली में शामिल महिलाओं को मंगलवार को टीएल बैठक में पहुंच कर कलेक्टर को शराब दुकान अन्यत्र स्थानांतरण व नए दुकान के के लिए जगह चयन की आवेदन करने कहा गया। जिसके बाद 7 दिवस के भीतर शराब दुकान को अन्यत्र जगह संचालित करने का आश्वासन दिया गया। इस शराब दुकान अन्यत्र स्थानांतरण करने के लिए निकली आक्रोश रैली में जिला पंचायत सदस्य मधुबाला रात्रे ने कहा कि वर्तमान में जिस जगह मार्ग किनारे शराब दुकान संचालित हो रहा है। उस मार्ग से स्कूली व कॉलेज के छात्राएं गुजरती हैं, यह मार्ग मुख्य मार्ग होने के कारण ग्रामीण महिलाओं का भी इस रास्ते में सुबह से देर शाम तक आना जाना लगा रहता हैं। जो मुख्य मार्ग शराब दुकान होने के कारण मदिरा प्रेमी यही पर शराब पीकर गाली गलौज करते रहते हैं। जिससे मार्ग से गुजरने वाली छात्राओं समेत ग्रामीण महिलाओं को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। वही अनेक बार तो कुछ मजनू किस्म के लड़के राह चलती लड़कियों को छेड़ते हैं। पंच रेवा ओगरे ने कहा कि मुख्य मार्ग में शराब दुकान होने के चलते आए दिन महिलाओं और छात्राओं को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, इसके साथ ही महिलाएं और बच्चों के लिए शराब दुकान खुलते ही यहां से गुजरना दुभर हो जाता हैं। आबकारी विभाग के अधिकारी द्वारा 7 दिवस के भीतर स्थानांतरण करने का आश्वासन दिया गया है, अगर इन 7 दिवस के भीतर शराब दुकान स्थानांतरित नही होता तो ग्रामीणों द्वारा उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। जिसकी पूरी जवाबदारी जिला प्रशासन का होगा। इस दौरान सरपंच अन्नपूर्णा पटेल, तुलस रात्रे, रोशन डहरिया, खुमान प्रजापति, सोहद्रा रात्रे, हिमकल्याणी शर्मा, निर्मला टोंड्रे, मूंगा साहू, सोहन साहू, हेमिन बंजारे, सीता बघेल, रूपा सेन, योगेश मन्नाडे आदि महिलाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में पुरूष भी शामिल हुए। इसको देखकर आज फिंगेश्वर स्थित शराब दुकान जो राजिम ,महासमुंद मुख्य मार्ग पर है उसे भी हटाने अंचल की महिलाए लाम बंद हो रही है और समय रहते जिला प्रशासन इसे मुख्य मार्ग से नही हटाएंगे तो यहां भी ऐसे ही चक्का जाम और आंदोलन करने की आग सुलग रहा है । देखना होगा महिलाओं की इस लड़ाई में कौन कौन महिला जनप्रतिनिधि , या पूर्व महिला जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार पदाधिकारी शामिल होती है ।क्यों की जो विधान सभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे है उनके लिए यह सुनहरा मौका है जो भी ऐसे जनहित के मुद्दे उठाएंगे वैसे लोगो को ही जनता सर आंखों पर बैठाएगी ।।क्यो की मुख्य मार्ग में होने से आए दिन यह मार्ग भीड़ भाड़ रहता है और आसपास लगे चखना दुकानों के कारण शराबियो का जमावड़ा लगा रहता है।जिससेराहगीर खासे परेशान रहते है और स्कूल कालेजों आने जाने वाले बच्चो को भी यह दंश झेलना पड़ता है

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