*जिला पंचायत सदस्य ने किया पचपेड़ी गौठान का निरीक्षण
पाटन।जिला पंचायत दुर्ग के सदस्य श्रीमती हर्षा चंद्राकर ने आज ग्राम पचपेड़ी के गौठान का औचक निरीक्षण किया निरीक्षण के दरम्यान काम कर रहे समूह की महिलाओं से पता चला कि गौठान में महीनों से गैया नही है, न यहां चारा की व्यवस्था है न पानी की ,गोबर खरीदी कंहाँ होता है हमे नही मालूम, गौठान अध्यक्ष ट्रेक्टर में भरकर गोबर लाता है अभी कुछ दिन पूर्व ये घुरवा का खाद लेकर आया है जिसे हम लोग छन्दनी कर इकठ्ठा कर रहे है, हमारे मना करने के बाद भी हमारे ऊपर दबाव बनाकर जबरदस्ती चलवाया जा रहा है अध्यक्ष इसका क्या करेंगे हमे नही मालूम। हम लोगो ने पिछले दो साल में लगभग 520 बोरी खाद सोसाइटी के माध्यम से किसानों को दिए है परंतु पिछले दो साल में हमे केवल 18000 रु ही आये है। हम यंहा दो समूह काम करते है हमे यंहा से एक रुपये का मुनाफा नही हुआ है बल्कि हमे अपना रोजी भी नही बनता है। श्रीमती चंद्राकर ने कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ये भूपेश बघेल सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है, बघेल जी इस योजना का प्रचार प्रसार देश ही नही दुनिया भर में करते है संघ और भाजपा को हर बार कोसने वाले भूपेश बघेल इन्ही नेताओ का हवाला भी देते है कि उसने गौठान योजना की तारीफ की। पर जब हम गौठान आते है तब दिखता है कि ढोल के अंदर कितना पोल है। सरकार कहती है हम महिला समूह को स्वावलंबी बना रहे है पर यहाँ इन महिला बहनो से चर्चा करने पर पता चला कि ये केवल शोषण का शिकार हो रही है। गौठान अध्यक्ष मनमानी कर रहे है। गोबर से वर्मी खाद बनाने के बजाय दबाव पूर्वक घुरूवा खाद को मिलाकर 300 रुपये बोरी में किसानों को बेच रहे है, सम्बंधित अधिकारी कर्मचारी सरकार के दबाव में मूकदर्शक बन कर पूरी कालाबाजारी को देख रहे है सहन कर रहे है, किसानो को सोसायटी के माध्यम से दबाव पूर्वक ऐसे खाद का वितरण किया जा रहा है जिस खाद का कही कोई मापदंड नही। ऐसे खाद से किसानों की लागत में बढ़ोतरी के साथ केवल नुकसान ही हो रहा है। मैं किसानों से निवेदन करती हूं कि ऐसे खाद जिसका कोई मानक नही है विरोध करे और खरीदने से मना करें।श्रीमती चंद्राकर ने आगे कहा कि हमें इस सरकार पर पूरा भरोसा है कि इस मामले में कंही कोई कार्यवाही नही होगा इसलिए मामले को कलेक्टर, सीईओ को जानकारी देने के बाद गौठान अध्यक्ष पर क्या कार्यवाही करते है देखेंगे अन्यथा जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में उठाएंगे। और अंत मे इस भ्रष्टाचार एव धोखाधड़ी को जनता के बीच लेकर जाएंगे पांच माह बाद विधानसभा का चुनाव है फैसला जनता ही करेगी।

