शुभम गुप्ता:- डौण्डी विकासखंड में भगवान भरोसे चल रहा सड़क निर्माण कार्य और तो और मुसाफिरों की सुविधा का कोई उपाय भी नही किया जा रहा है और न ही सड़क गुणवत्ता की मॉनिटरिंग की जा रही है डौंडी ब्लाक में सरकारी योजनाओं में धांधली जोरों शोरों से चल रही है सड़क निर्माण अभी पूरा भी नहीं हुआ है और सड़कों में दरार आने शुरू हो गए हैं आपको बता दें कि डौंडी से लेकर घोटिया तक 40 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य लगभग ₹80 करोड़ की लागत से होना था इसके लिए योजना भी बनाई गई और छत्तीसगढ़ शासन से इसकी स्वीकृति भी मिली और कन्हैयालाल अग्रवाल ठेकेदार को ठेका भी दे दिया गया विकासखंड छेत्र में डौण्डी से घोटिया आमाबहारा मार्ग निर्माण कार्य कई महीनों से चल रहा है जिस पर समय-समय पर सवाल खड़े हुए सड़क निर्माण में पुल निर्माण व डामरीकरण समेत कई लापरवाही बरती गई है जिस के चलते सड़क निर्माण में गड्ढे दिखने लगे। अत्यंत आश्चर्य की बात है कि सकड़ निर्माण अभी तक पूरा ही नही हुआ है और सड़क में मरम्मत की जरूरत आन पड़ी है जिससे यह अंदाजा लगया जा सकता है की इस सड़क कि गुणवत्ताहीन कैसी होगी। इस सड़क का आगे आने वाले बरसात के महीनों में क्या हाल होगा । यह सड़क जो आम नागरिको की सुविधा के लिए बनाई गई क्या यही आम नागरिकों के मुसीबत का कारण बनेगी। सड़क निर्माण दौरान महीनों ग्रामीणों को आवगमन में भारी परेशानी हुई। सरकार ने ग्रामीण इलाकों को पक्की सड़क से जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण करवाया था सड़क का निर्माण अभी पूरा हुआ भी नहीं है और सड़कें खस्ताहाल अभी से हो गई है जब सड़क निर्माण की शासन से स्वीकृति मिली थी तो ग्रामीण इलाकों में ग्रामीणों का उत्साह चरम पर था ग्रामीणों को लगा था कि पक्की सड़क होगी तो आवाजाही आसान हो जाएगीठेकेदार के कर्मचारी ने बताया अब सबसे मजे की बात यह है कि ठेकेदार के कर्मचारी जो रोड का काम देख रहे हैं साहू ने कहा कि सड़क में दरार तो आएगी सौ प्रतिशत सही सड़क तो कोई बनाकर नहीं दे सकता इसका मतलब साफ है कि ठेकेदार के कर्मचारी भी मान रहे हैं कि यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है जबकि सड़क का काम अभी पूरी तरीके से पूर्ण हुआ भी नहीं है रोड एक्सपर्ट के अनुसाररोड एक्सपर्ट की मानें तो बताई चौक के पास जो पुल बना है वह जल्दबाजी में बना है और ठीक से पानी पर नहीं डाला गया है जिसके कारण वह पुल धीरे-धीरे नीचे दब रहा है रोड एक्सपर्ट ने भी कहा कि आने वाले दो-तीन साल यही परेशानी नगर वासियों और ग्रामीणों को भुगतनी पड़ेगी । बात यह थी कि जब यह ठेकेदार सही सड़क बनाकर नहीं दे सकता तो फिर इस ठेकेदार को इस रोड का ठेका क्यों दिया गया। क्या इसमें भी कोई बड़ा घोटाला सामने निकाल कर आने वाला है ?

