* रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित बूढ़ातालाब धरना स्थल को हटाकर नवा रायपुर तूता ले जाने के मूल उद्देश्य का प्रारंभ से ही कर्मचारी संघ विरोध करता रहा है। कर्मचारी संघ का तर्क था कि शांति नगर सिंचाई कॉलोनी को तोड़कर बृहद कांप्लेक्स बनाए जा रहे हैं, उसी प्रकार बूढ़ातालाब धरना स्थल पर भी रसूखदार लोग व्यवसायिक उपयोग करने की साजिश कर रहे हैं और वह प्रमाणित भी हो गया, जब विज्ञापन होल्डिंग लगाए गए। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा एवं सीएल दुबे ने बताया है कि कल ही होल्डिंग लगने के बाद तत्काल कर्मचारी संघ द्वारा विरोध किए जाने पर अंततोगत्वा लगाए गए होल्डिंग को आनन-फानन में हटाया गया। फोल्डिंग लगाने वाले का तर्क था कि यह दूसरे जगह लगना था धोखे से लग गया हास्यास्पद व विडंबना को परिलक्षित करती है। कर्मचारी नेता श्री झा ने कहा है कि कर्मचारी संघ के विरोध के बाद रातों-रात होर्डिंग हटाए गए। इससे कर्मचारियों को विश्वास हुआ कि उनकी नैतिक जीत हुई है। भविष्य में भी बूढ़ातालाब धरना स्थल यथावत रखते हुए मीडिया के साथियों, व्यापारियों, राजनीतिक दलों एवं कर्मचारी संगठनों से व्यापक चर्चा कर रायपुर राजधानी में ही धरना स्थल रखने की मांग की गई है। यदि सरकार बूढ़ातालाब धरना स्थल के सरकारी भूमि का व्यवसायिक उपयोग करेगा तो कर्मचारी संघ उसका व्यापक विरोध करेगा। होल्डिंग लगने से कर्मचारी संघ का आरोप प्रमाणित हो गया है तथा सरकार, जिला प्रशासन पर दबाव डालकर अब बूढ़ातालाब में अनुमति देना भी बंद कर दिया है। अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी संघ की नेता श्रीमती उषा साहू व विधवा महिलाओं ने भी रोते हुए कहा कि हमें हटाने और बंद करने की यह साजिश दिखाई दे रही है। हमें 208 दिन धरना देते हो गया। हमें योग्यता के अनुरूप रिक्त पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिलना चाहिए।
अंततोगत्वा कर्मचारी संघ के विरोध के बाद विज्ञापन होर्डिंग हटाए गए-संघ की नैतिक जीत हुईं- विजय झा
