वनभूमि में जेसीबी से की गई खुदाई ,वनपाल ने मीडिया से कहा कार्यवाही हो गई ,बाद में पता चला मामले में हो गया खेला

  • विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से बढ़कर स्थानीय वनपाल का पवार अपने स्तर पर ही मामले को कर देते है रफा-दफा

लोकेश्वर सिन्हा@गरियाबंद। जिला मुख्यालय के नजदीक ग्राम तंवरबाहरा, केशोडाहार मार्ग पर स्थित खेतो पर जेसीबी मशीन द्वारा प्राइवेट एनजीओ नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वूमेन चाइल्ड एंड यूथ डेवलपमेंट के माध्यम से खेतो का समतली करण एवं सुधार कार्य किया जा रहा है। जिसमे किसानों के खेतो को समतल कर उन्हे परिस्थिति अनुकूल फसल उगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना है इसी कड़ी बीते दिनों ग्राम तंवरबाहरा के आस पास के क्षेत्र में कृषक के खेत में समतलीकरण का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान जेसीबी चालक ने वन भूमि (रिजर्व फॉरेस्ट एरिया) में भी कुछ जगह पर खुदाई कर भूमि को समतल कर दिया। वह भी बिना फॉरेस्ट की अनुमति के इस बात की जानकारी होने पर डिप्टी रेंजर शिव नारायण वर्मा एवं वनपाल देवेंद्र तिवारी सहित एक अन्य वन कर्मचारी उक्त घटना स्थल पर पहुंचे और मामले के संबंध में जांच पड़ताल करते हुए कार्य से संबंधित दस्तावेज मांगे परंतु उक्त समय कोई भी दस्तावेज वाहन चालक द्वारा उपलब्ध नही कराए गए। तब वनपाल ने धमतरी जिला निवासी जेसीबी मालिक को मौके पर बुलाने ड्राइवर को कहा। इस दौरान लगभग 2 घंटे तक वनपाल देवेंद्र तिवारी द्वारा जेसीबी की चाबी अपने पास ही रखी गई। वाहन मालिक के आने के बाद घटना स्थल से लगभग 2 किलोमीटर दूर केशोडाहार स्थित ईको सेंटर के पास वाहन मालिक के साथ डिप्टी रेंजर शिव नारायण और वनपाल देवेंद्र तिवारी ने मुलाकात की।

स्थानीय ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस दौरान मामले को रफा दफा करने को लेकर मुलाकात हुई और फिर अचानक से पूरे मामले में बिना किसी प्रकरण के यह कहते हुए वाहन की चाबी वापस कर दी गई कि उक्त भूमि वन भूमि न होकर राजस्व भूमि है इसलिए कोई प्रकरण नही बनता। सबसे अहम बात यह है कि इस पूरे घटना की जानकारी लगने पर कुछ मीडिया कर्मी भी काफी देर तक मौके पर मौजूद थे जिन्हें वनपाल देवेंद्र तिवारी द्वारा कागजी कार्यवाही पूरी होने की बात कहते हुए ऑफिस पहुंच कर जानकारी देने की बात कही गई। इस बारे में जब डिप्टी रेंजर से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि सारे मामले की जानकारी वनपाल के पास है आप उसी से बात कर ले, जब वनपाल देवेंद्र तिवारी से इस बाबत फोन पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि राजस्व भूमि होने के चलते हमारे द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई है जब यह कहा गया कि घटना स्थल पर आपने कहा था कि कागजी कार्यवाही पूरी हो गई है और ऑफिस जाकर जानकारी देता हुं तो वह कोई जवाब नही दे सके। वैसे भी यह पहला मामला नहीं है जब वनपाल द्वारा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से ऊपर उठते हुए खुद ही अपने स्तर पर मामला रफा दफा किया गया है। इस मामले को लेकर तंवरबाहारा में तरह-तरह की चर्चा हो रही है। वन भूमि पर जेसीबी द्वारा किए गए समतलीकरण को खेत मलिक और अन्य लोगो ने मिलकर उस जगह को बराबर कर दिया है। उक्त मामले में बिना वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दिए और बिना पीआर किए एक जेसीबी को 3 से 4 घंटे खड़े कर उन पर मेहरबानी दिखाई गई। यदि जेसीबी खड़ा करना था तो घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर वन डिपो है या वन मंडल कार्यालय में गाड़ी को खड़ा किया जाना था परंतु गांव में ही गाड़ी को खड़ी करा कर सारे मामले को रफा-दफा किया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस मामले में गाड़ी छोड़ने को लेकर बड़े आर्थिक लेने देने की होने की संभावना से इंकार नही किया जा सकता। फिलहाल यह तो विभाग की जांच का विषय है

वनपाल पर नही लागू होता स्थानांतरण नीति का नियम
वनविभाग के वनपाल देवेंद्र तिवारी पर स्थानांतरण नीति की कोई कार्यवाही नहीं हो पाती है जबकि विगत लगभग 8 वर्षो से एक ही परिक्षेत्र में लगातार पदस्थ है। स्थानीय निवासी होने और वरिष्ठ अधिकारियों से गहरी पैठ होने के चलते आज तक किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं हो पाती है। कुछ समय पूर्व इनका स्थानांतरण महासमुंद जिले में हुआ था परंतु वरिष्ठ अधिकारियों के वरदहस्त के चलते स्थानांतरण नीति का पालन नहीं हुआ और वर्तमान में भी जिलामुख्यालय में पदस्थ है

तंवर बाहारा में अब तक कुल 10 किसानों के खेतो में हो चुका समतलीकरण कार्य जिसमे से एक का नाम वनभुमि में शामिल
प्राइवेट एनजीओ से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम तंवरबाहारा में अब तक कुल 10 किसान अंजनी ध्रुव, हीराबाई ध्रुव, बसंत कुमार, किलोचना ध्रुव, फूल मत ध्रुव, लता ध्रुव, जनक बाई ध्रुव, देसीन बाई ध्रुव के यहां समतलीकरण का कार्य हो चुका है। इसके अलावा धनीराम ध्रुव और दुर्गा बाई का नाम वन अधिकार की भूमि सूची में भी नाम है और इनके खेत में भी समतली करण का कार्य हो चुका है । जो जांच का विषय है

पुष्पेंद्र साहू
रेंजर गरियाबंद
मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं आया है न ही मुझसे किसी ने इस बारे में चर्चा की है। मैं कल खुद उस जगह पर जाकर पता करता हु क्या है पूरा मामला।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *