पाटन. भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एव सदस्य जिला पंचायत दुर्ग श्रीमती हर्षा चन्द्राकर ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा की आगामी फ़सल के लिए किसान अब बीज खाद का उठाव सहकारी समितियों से प्रारम्भ कर दिया है अन्य रासायनिक खाद के साथ राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा सोसायटी के माध्यम से किसानों को जैविक खाद लेना अनिवार्य कर दिया गया है जबकि किसान अभी तक जैविक खाद मे आत्म निर्भर नही बन पाया है निर्भर नही बन पाने का कारण यह भी है कि गोबर एवं अन्य सामग्री से मिलकर बनने वाले जैविक खाद मे वह गुणवत्ता नही आ पाई है राज्य सरकार अब जैविक खाद को अनिवार्य कर किसानो के उपर एक प्रकार का जुल्म कर रही है एक हजार मूल्य की जैविक खाद के बोरी मे मानक का पता नही किसान को राज्य सरकार के आदेश से आर्थिक रूप से दोहरा बोझ का सामना करना पड़ रहा है जिससे किसान परेशान है पर किसान हितैसी का ढोंग रचने वाली सरकार को किसानो की जरा भी चिंता नही है।
जिला पंचायत सदस्य हर्षा लोकमणि चंद्राकर ने किसानो से चर्चा के बाद बताया कि किसान का कहना है कि जैविक खाद मे हमे पूर्ण गुणवत्ता मिल जाये तो रासायनिक खाद लेने की आवश्यकता नही होनी चाहिए किसानो को रासायनिक के साथ साथ जैविक खाद लेने से खर्च बढ़ जाता है उपर से गुणवत्ता के अभाव मे जैविक खाद उपयोग करने से अन्य कई प्रकार के बीमारी के अलावा खेतो मे कचरा पैदा हो जाते है जिससे निदाई के लिए खर्च भी बढ़ जाता है इस तरह प्रदेश सरकार गुणवत्ता विहीन जैविक खाद को लेने के अनिवार्य करना गलत है।
श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि सबसे बड़ी परेशानी किसानो को है की सभी ग्रामो मे गौठान नही है जिससे किसानो को सहकारी समिति मे रासायनिक खाद लेने के बाद अन्य ग्राम मे जैविक खाद लेने जाना पड़ता है जिसमे अतिरिक्त समय एवं पैसे की जरूरत पड़ती है उन्होंने कहा कि सरकार की किसानो के प्रति जबरदस्ती के कार्य पर जल्द ही रोक लगनी चाहिए,,श्रीमती चंद्राकर ने कहा की सरकार अपनी इस तुगलकी फरमान को तत्काल वापस ले अन्यथा जल्द ही इस मामले मे किसान जागरण अभियान चलाया जावेगा।
