खबर हेमंत तिवारी छुरा / जिले में लगातार हो रहे वन्य जीवों के अवैध शिकार से वन मंडल गरियाबंद के डी एफ ओ से लेकर वन विभाग के चौकीदार निठल्ले साबित हो रहे है ।और इनके इस कमजोरी का फायदा शिकारी जम कर उठा रहे ।और वन्य जीव संरक्षण के अभाव में अस्तित्व समाप्त होने को है ।जिसका सबसे बड़ा उदाहरण पांडुका परिक्षेत्र में लगातार हिरण की बेतहाशा शिकार से आज इक्का दुक्का ही दिखाई दे रहे है । और जो बचे है इसके भी पीछे शिकारी लगे हुए ही है।जब तक की वे इनकी प्रजाति को समूल नष्ट ना कर दे । जबकि बात की जाय तो बीते लगभग पांच साल पहले की तो जतमई मंदिर वाले सड़क किनारे आसानी से इनका झुंड दिखाई देता था ।जिसे आने जाने वाले दर्शनार्थी ,और राहगीर अपनी गाडियां रोककर देखने लग जाते थे । वही हिरण के शिकार में स्थानीय लोगों के साथ मिलकर रायपुर तक के बड़े शिकारी आते है ।और हिरण का शिकार कर फुर्र हो जाते है ।और इनके ऊपर आज तक विभाग नकेल कसने की कोशिश भी नही करते । ऐसा लगता है कि विभागीय साठ गांठ से आज तक इन शिकारियों पर अंकुश नहीं लगाया जा सका है । कुछ।जानकर बताते है इनका एक किलो मांस की कीमत रायपुर में हजारों रूपय में बिकता है ।जिस कारण इसका धड़ल्ले से शिकार हो रहा है । जिसे रोक पाने में वन विभाग पूरी तरह फीसडीडी साबित हो रहा है । और जंगल, जीव आदि की सुरक्षा छोड़ वन विभाग प्लांटेशन बनाने,तार घेरा भवन निर्माण ,जंगल में कटीले झाड़ियों जैसे कार्यों में जायदा ध्यान दे रहे है ।और कुछ लोग आज भी जंगल का पेड़ काटकर ईट भट्टा संचलित कर बेचकर पैसा कमा रहे है ।ना जंगल बचा पा रहे ना जंगली जीव जंतु तथा हमेशा की तरह इन शिकारियों को वन विभाग नहीं पकड़ पाते और हमेशा की तरह जिले के पुलिस स्टाप और क्राइम ब्रांच वाले ही पकड़ते है ।क्यों की वन विभाग की खुफिया जानकारी,मुखबिर आदि सही नही है ।साथ ही बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है वीडियो में 5 बाघ रोड क्रास करते हुए नज़र आ रहे है और लोग भी इस वीडियो को अपने वाटस्प के स्टेट्स में रख कैप्शन में बारुका लिख रहे है।कुछ लोग इसे बाहर का वीडियो मान रहे है तो कुछ इसे बारुका कि होने कि बात कह रहे है क्योंकि बारुका के पास गरियाबंद मार्ग पर अधिकतर रात में आने वाले मुसाफ़िरों को तेंदुए को रोड क्रास करते देखे भी गया है,हालाकि ये वीडियो कहा का है कब का है इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है !और आज गरियाबंद की विशेष पुलिस टीम की द्वारा तेंदुए का खाल पकड़ा गया हैं।घटना के विषय में मिली जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली गरियाबंद एवं स्पेशल टीम के द्वारा संयुक्त रूप से भ्रमण दौरा मुखबीर सूचना मिला कि तीन व्यक्ति अवैध रूप से संरक्षित वन्य जीव तेन्दुआ के खाल को बिकी करने के लिए ग्राहक की तलाश करते हुए बारूला पैरी नदी के पार घुम रहे हैं।उक्त सूचना के आधार पर टीम द्वारा रेड कार्यवाही कर तीनों संदेहियों से नाम पता पुछने पर अपना अपना नाम महेत्तर राम ठाकुर,धनसिंग नेताम,लेखराम साहू बताये जिसके बाद मौके पर पुछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताये कि महेत्तर राम ठाकुर ने तेन्दुआ को खेत में किटनाशक जहर देकर मारना तथा अन्य साथी धनसिंग नेताम व लेखराम साहू के साथ मिलकर खाल को निकालकर नमक डालकर सुखाना,दांत,नाखून,मुंछ व अस्थिपंजर को जलाकर नष्ट करने की बात बताये तथा खाल को एक सफेद बोरी में मोड़कर धनसिंग नेताम और लेखराम साहू के साथ पैरी नदी बारूला पुल नीचे छुपाकर रखने की जानकारी दिये।कार्यवाही में आरोपियों से पूछताछ करने पर आरोपियों के बताए मौके पर ही एक नग तेन्दुआ का खाल, एक नग लोहे का टंगिया तथा एक नग लोहे की छुरी को जप्त किया गया।वही आरोपीयो को धारा 9,39 ( 2 )( 3 ), 49 ( ए ) ,49 ( बी ) 50 , 51 भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 ,धारा 3 लोक सम्पत्ति का नुकसानी का निवारण अधिनियम 1984 तथा धारा 120 बी भादवी के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड में न्यायालय पेश किया गया है।
बारुला नदी किनारे तेंदुए की खाल बेचने की फिराक में पकडे गए तीन आरोपी
