खबर हेमंत तिवारी ,छुरा.. समाज में शिक्षकों को गुरु का स्थान दिया गया है इन्हें जीवन का पथ प्रदर्शक मानते हुए सर्वोच्च स्थान दिया गया है किंतु कुछ शिक्षकों के कृत्य को देखें तो शिक्षकों के पद और गरिमा को तार तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं । ऐसे शिक्षक जो गुरु की परंपरा और अपने मर्यादा को।भूलकर अशोभनीय कार्य कर बैठते है ।जिस वजह से समाज में आज ये गुरु केवल एक वेतन भोगी कर्मचारी की श्रेणी में खुद ही अपने करतूतों से अपना ये जगह बना रहे है ।और अपने मूल।कर्तव्य को भूलकर विभिन्न प्रकार कार्यों में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे है। इसी तरह के गलत कार्यों की वजह से विकास खंड छुरा के दो शिक्षकों को संभागीय संयुक्त शिक्षा संभाग रायपुर द्वारा निलंबित किया गया है, ज्ञात हो कि विकास खंड छुरा के शिक्षक भीखम लाल धीवर जो पूर्व माध्यमिक शाला चुरकीदादर में पदस्थ थे । जिनके विरुद्ध की गई शिकायत एवं जिला गरियाबंद के माध्यम से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार शाला के छात्रा से अशोभनीय भाषा का प्रयोग करना उनके नैतिक पतन एवं अति गंभीर अनुशासन हीनता के चलते सिविल सेवा नियम 1965 का उल्लंघन के चलते निलंबित किया गया है। इसी क्रम में हीरालाल नायक प्रधान पाठक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सिवनी के विरुद्ध संस्था में कार्यरत महिला शिक्षिका के द्वारा बुरी नियत से छेड़खानी की गंभीर आरोप में थाना छुरा के द्वारा गिरफ्तार किया गया था जिसे सिविल सेवा नियम 1966 के तहत निलंबित किया गया है निलंबित अवधि में इन्हीं नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। शिक्षको के इन कृत्यों के कारण शिक्षा जगत में आज थू थू हो रही ही और इस प्रकार के कार्य से अपने आप को दूर रख मर्यादा में रहकर स्वयं आज शिक्षको को सीख लेनी चाहिए । तभी तो ये बच्चो को सिखा पाएंगे ।।
अति गंभीर अनुशासन हीनता के चलते दो शिक्षक हुए निलंबित
