छत्तीसगढ देश का पहला राज्य जो किसानों का धान 2800 रुपये प्रति क्विंटल व प्रति एकड़ 20 क्विंटल खरीदी करेगा

किसान हितैषी भुपेश सरकार ने अपने एक ही कार्यकाल में किसानों को आर्थिक रुप से समृद्ध बना दिया

भाजपा पंद्रह साल सरकार में रहने के बाद भी किसानों के हित में बड़े फैसले नहीं ले पाई

पाटन।छत्तीसगढ अपेक्स बैंक के डायरेक्टर राकेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा की पन्द्रह साल सरकार होने के बाद भी किसानों के लिए कुछ नहीं कर पाई सिर्फ छत्तीसगढ का दोहन करने का काम किया है । भाजपा सरकार किसानों से किये गये अपने बोनस के वादे को चुनाव वर्ष मे करने के बाद बाकी वर्षों में बोनस भी नहीं दे पाई ।अब जनता उनको चौदह के आकडे पर ले आई है तब उनको किसान हित की बात याद आ रही है । भाजपा के पंद्रह साल के कार्यकाल पर कांग्रेस के चार साल ही भारी पड़ रहे है । छत्तीसगढ के किसानों का भला होना भी भाजापाईयो को नागवार गुजर रही है और 20 क्विंटल खरीदी और 2800 रुपये समर्थन मुल्य पर ही प्रश्न खड़ा करके यह स्पष्ट रुप से बता रहे है कि हमें छत्तीसगढ के किसानों से कोई मतलब नहीं है बल्कि छत्तीसगढ में सत्ता में रहकर सिर्फ सत्ता सुख भोगना है । जनता भाजपा के वादे पर अब भरोसा भी नहीं कर रही है ।इसलिए छत्तीसगढ में ई डी को हथियार बनाकर सत्ता पाने की कोशिश में लगी हुई है।लेकिन छत्तीसगढ की जनता अब जान चुकी है ।कौन सरकार हमारे हित की सोचती है और कौन सरकार हमारे अहित का काम करती है ।

श्री ठाकुर ने कहा ने कहा कि, बीजेपी शासन काल में नान घोटाला हुआ, 18 लाख फर्जी राशन कार्ड बने, धान में बलौदा बाजार में 1 हजार करोड़ का घोटाला, कुनकुरी का चावल घोटाला, जो घोटालों के भीष्म पितामह है वह दुसरो पर आरोप न लगाये ।आवास योजना में नए पात्र हितग्राही के लिए 1 अप्रैल से सर्वे का काम हो रहा है ।फिर पात्र हितग्राहियो को भी नियमानुसार आवास देने का काम होगा ।
छत्तीसगढ देश का पहला राज्य जो किसानों का धान 2800 रुपये प्रति क्विंटल व प्रति एकड़ 20 क्विंटल खरीदी करेगा*किसान हितैषी भुपेश सरकार ने अपने एक ही कार्यकाल में किसानों को आर्थिक रुप से समृद्ध बना दिया 4 वर्षों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के किसानों को कर्ज माफी,2500 धान खरीदी साथ ही अब प्रति एकड़ 20 क्विटल के हिसाब से धान खरीदी से समस्त प्रदेश के अन्नदाताओ में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।छत्तीसगढ़ सरकार ने 2018 में ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों के लिए न्याय योजनाओं की एक बड़ी श्रृंखला शुरू की, जिसका उद्देश्य इस तबके की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना था। देश के किसी भी राज्य में इस तरह की पहल पहली बार हो रही थी। इसकी शुरुआत राजीव गांधी किसान न्याय योजना के साथ हुई, और अब भूमिहीन किसानों-मजदूरों को भी इसमें शामिल कर लिया गया। लोकसभा में कृषि मामलों की समिति ने भी छत्तीसगढ़ सरकार के गोधन न्याय योजना की तारीफ की है और इसे पूरे देश में लागू करने की बात कही है।राजीव गांधी किसान न्याय योजना गोधन न्याय योजनाराजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना चल रही है ।

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