कपड़ौरा मे कथा भागवत मे भगवान श्री कृष्ण जन्म की कथा गुंजायमान हुआ,,श्रोताओ ने बड़ी तन्म्यता से सुनी कथा ,,,बेटी वह रत्न है जो दो परिवार को प्रकाशवान, सामर्थ्य वान बनाती है ,, इंद्रकुमार शास्त्री,

प्रयागराज,, श्री मद भगवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का संगीतमय् आयोजन ग्राम कपड़ौरा (महराज के पुरवा) मे 18 मार्च से अनवरत जारी है श्रीमती शोभा ठाकुर के स्मृति मे अयोजीत भगवत कथा के अयोजक एवं मुख्य श्रोता अर्कनाथ ठाकुर(नेता जी) है भागवत ज्ञान सप्ताह के अंतर्गत 22 मार्च को कथा वाचक मानस कोकिलाचार्य ने राजा एहाती एवं रानी देवयानी भगवान श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनाई उन्होंने दृष्टांत मे कहा कि भगवान हारते है तो भक्तो से भगवान भक्तो के पराधीन है दसम सकंध की कथा स्वयं भगवान ने परीक्षित को सुनाई उन्होंने कहा की परमात्मा सर्वदृष्टा सर्वव्यापी है अन्तर्यामी है परमात्मा शक्ति है जिस दृष्टि से देखो उसी दृष्टि से भगवान दिखते जैसे जिसकी भावना वैसी मूरत दिखती है उन्होंने भगवान के संदर्भ मे दर्पण को लेकर लोक कथा भी सुनाई उन्होने पुत्र एवं पुत्री का वर्णन जंवा एवं धान से किया व्यास पीठ से कहा कि धान दूसरे खेत मे पहुंचकर खेत को हरा कर देती तो उसी प्रकार बेटी भी दो कुल को समर्थवान बना देती है नारी मे बहुत बड़ी शक्ति है जैसे धान मे मुसर पड़ने पर भी अक्षत देती है जो पूजा के साथ पेट भरने का काम करती है उसी प्रकार बेटी भी सब का कल्याण करती है कोकिलाचार्य ने कहा कि भागवत कथा के नवम सकंध मे राम की कथा सुनाई गई है आज प्रवचन मे आंनद ठाकुर, अमित ठाकुर,संदीप ठाकुर,सौरभ भाई,भोलू ठाकुर,विनय ठाकुर, सोनू ठाकुर शामिल रहे

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