जब नारीशक्ति का सम्मान होगा तभी भारत पुनः विश्व गुरु बनेगा – बी. के. अंशु खुशहाल महिला, खुशहाल परिवार.. थीम पर ब्रह्मा कुमारी सेवा केंद्र खड़मां में स्नेह मिलन समारोह आयोजित

छुरा @@@@@ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय खड़मां सेवा केंद्र की शिव स्मृति भवन में गत रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर खुशहाल महिला, खुशहाल परिवार.., और अलौकिक होली स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया।स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी की अगुवाई में आयोजित कार्यक्रम में कचना धुरुवा महाविद्यालय छुरा की प्राध्यापिका श्रीमती निर्मला यादव मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। वही सुश्री आरती साहू, श्रीमती सकुंतला सोनी विशिष्ट अतिथि के रूप मे विराजमान रही। ब्रह्माकुमारी चंद्रिका व अलका बहन ने सभी अतिथियों का तिलक लगाकर व गुलदस्ता भेट कर स्वागत किया।तत्पश्चात सभी अतिथियों ने परम पिता परमात्मा शिव की स्मृति में रह दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । संस्था प्रमुख राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अंशु दीदी ने सभी का अभिवादन करते हुए अपने आशीर्वचन में कहा कि स्नेह मिलन अर्थात हम सभी स्नेह ,प्रेम,आनंद, खुशी से सदा भरपूर रहे।जब हम उस पिता परमेश्वर से जुड़े रहते है तो,साधारण नारी भी शिव शक्ति बन जाति है। नारी शक्ति संपूर्ण जगत की पालनहार है और अदभुत शक्ति है परम पिता परमात्मा शिव ने नारी को विशेष शक्ति व वरदानों से सुसज्जित किया है। शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारियों की पूजा होती है वहां देवताओं का निवास होता है।स्वयं विश्व रचयिता परमात्मा शिव ने नारी शक्तियों को सम्मान देकर विश्व के महापरिवर्तन के कार्य में अपना सहयोगी बनाया है। अतः विश्व के हर नागरिक को नारी शक्ति का सम्मान अवश्य करना चाहिए तभी भारत पुनः विश्व गुरु बनेगा।मुख्य अतिथि निर्मला यादव ने मौजूद सभी महिलाओं को महिला दिवस की बधाई दी। कहा कि आज के दौर में महिलाएं सभी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रही महिलाएं परिवार की धुरी हैं। उनके मन की दशा किसी घर, परिवार के वातावरण को सबसे अधिक प्रभावित करती है। ब्रह्माकुमारी नम्रता बहन ने कहा कि महि अर्थात धरती और लॉ माना नियम अर्थात धरती पर नियम बनाने वाली,महिला ही है । नारी जो चाहे वह कर सकती है ।स्वयं को बदले शुरुआत अपने घर से करें नारी बदलेगी तो विश्व का कल्याण होगा। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही है ,और बहुत अच्छी तरह से अपना कर्तव्य निभा रही है ,नारी को आज समान अधिकार भी दिए जा रहे, आज के समय नारी घर को भी चला रही है तो देश को भी चला रही है हमारे देश की राष्ट्रपति भी नारी ही है, हमें देश को प्रगति की ओर ले जाना है , उन्नति का आधार हमारा आंतरिक परिवर्तन है इसलिए अपने अंदर निज गुणों की धारणा कर श्रेष्ठ संस्कारों का निर्माण कर अपने परिवार को भी संस्कारों का सिंचन करने वाली नारी है।वही के. डी. कॉलेज की प्राध्यापिका सु श्री आरती साहू ने कहा कि आज के परिवेश ने जहां चारो ओर तनाव का माहौल है। हर व्यक्ति तनाव की जीवन जी रहे है। घर परिवार में रहती महिलाओ को सबका ध्यान रखना पड़ता है,जिसके लिए खुशी,और शांति का जीवन आवश्यक है।महिलाएं खुश रहेंगी तभी परिवार को खुशहाल रख सकती है।जिसके लिए ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ही ऐसी संस्थान है,जहां की आध्यात्मिक ज्ञान और मेडिटेशन से ही जीवन में सुख शांति और खुशहाली आएगी।कार्यक्रम का संचालन कर रहे बी के गणेश भाई व बी के गोविंद भाई की सुमधुर गीत और नन्हे नन्हे बच्चों की रास नृत्य ने सब को थिरकने पर मजबूर कर दिया ब्रह्मकुमारी बहनों ने सभा में उपस्थित सभी माताओं बहनों से फूलो की होली खेली, व सभी को ईश्वरीय सौगात एवं ब्लेशिंग कार्ड व परमात्म संदेश दिये।

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