फेकारी में आयोजित शिव महापुराण में भगवान शंकर के अवतारों की कथा सुनाई



सेलूद।  ग्राम फेकारी में सांहड़ा परिवार द्वारा आयोजित शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में कथा वाचक चेलादास वैष्णव ने भगवान शिव के विभिन्न अवतारों के बारे में विस्तार से बताया। कथा व्यास से कहा कि ब्रह्मदेव जहां सृष्टि के रचयिता माने गए हैं, वहीं विष्णु पालक और शिव संहारक माने गए हैं। विष्णु को हरि और शिव को हर कहा जाता है। धर्मशास्त्रों में हरि के 24 अवतारों का वर्णन है, उसी प्रकार ‘हर’ अर्थात शिव के 19 अवतारों का उल्लेख है।


शिवजी ने कई रुद्रावतार लिए, जिनमें 11वें रुद्र अवतार महावीर हनुमान माने गए हैं। शिवजी का पहला स्वरूप ‘महाकाल’ को माना गया है। यही वह रूप है, जो संहार का प्रतीक है। इन्‍हें काल भी कहा जाता है। जब कोई भी प्राणी देह त्यागता है तो ‘काल’ का नाम आता है। बहुत सारे भक्तजन शिवजी को ‘महाकाल’ ही कहते हैं।
शिव के अनेक अंशावतार भी हुए- शिव के अंश ऋषि दुर्वासा, महेश, वृषभ, पिप्पलाद, वैश्यानाथ, द्विजेश्वर, हंसरूप, अवधूतेश्वर, भिक्षुवर्य, सुरेश्वर, ब्रह्मचारी, सुनटनर्तक, द्विज, अश्वत्थामा, किरात, नतेश्वर आदि जन्मे, इन अंशावतार का उल्लेख ‘शिव पुराण’ में भी मिलता है।
मौके पर तहसील साहू समाज अध्यक्ष दिनेश साहू ,उपाध्यक्ष सरिता साहू  ,धनराज साहू न्याय प्रकोष्ठ संयोजक पाटन  ,पूर्व जिला साहू संघ उपाध्यक्ष रागिनी साहू , दिलेश्वरी साहू ,शकुंतला साहू ,करुणा साहू ,भानुप्रिया साहू ,तहसील उपाध्यक्ष  डॉ गुलाब साहू , जामगांव अध्यक्ष रविशंकर साहू ,  योगेंद्र साहू, पारखत साहू ,ज्योति प्रकाश साहू , श्यामलाल साहू सचित तेली गुंडरा , वेद प्रकाश साहू , पेकेश्वर साहू  ,हेमंत साहू मणि राम साहू , समस्त सहाड़ा परिवार फेकारी उपस्थित थे।

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