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अविश्वास प्रस्ताव में जनपद उपाध्यक्ष सुखचंद बेसरा की हुई जीत..
रोशन अवस्थी@देवभोग। जनपद पंचायत देवभोग में बीते कुछ महीनों से आरोप-प्रत्यारोप के बीच जनपद अध्यक्ष नेहा सिंगल 14 जनपद सदस्यों के साथ मिलकर उपाध्यक्ष सुखचंद बेसरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। जिसके चलते जनपद की राजनीति में भारी गहमागहमी चल रही थी। जिस पर मतदान आज संपन्न हुआ।
गरियाबंद कलेक्टर प्रभात मलिक ने जनपद पंचायत देवभोग के उपाध्यक्ष सुखचंद बेसरा के विरुद्ध लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव के सम्मेलन की अध्यक्षता के लिए पीठासीन अधिकारी सुश्री अर्पिता पाठक को नियुक्त किया था। देवभोग अनुविभागिय् अधिकारी के नेतृत्व आज मतदान संपन्न हुआ। अविश्वास प्रस्ताव का सम्मेलन 24 फरवरी 2023 को 12:00 बजे कार्यालय जनपद पंचायत देवभोग के सभाकक्ष में आहूत की गई थी ।हालांकि हार के भय के चलते अध्यक्ष के गुट दो गुटों में बटते दिखे ।आज वही मतदान में 18जनपद सदस्यों में से 17 जनपद सदस्य शामिल हुए ।वहीं अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के लिए 13 मतों की जरूरत थी ।लेकिन प्रस्ताव के पक्ष में केवल 11 मत पड़े व विपक्ष मैं छह मत पड़े ।इसी के चलते अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया व बेसरा अपने पद में बने रहेंगे।

बता दें इसके पूर्व भी जनपद अध्यक्ष के नेतृत्व में अपने पिछले कार्यकाल में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष पर अविश्वास प्रस्ताव लाया था। लेकिन उसमें भी उपाध्यक्ष ने जीत हासिल की थी ।वही यह परिपाटी को जनपद अध्यक्ष नेहा सिंघल ने फिर से दोहराना चाहा। लेकिन इस बार भी वो सफल नहीं रही व इस बार भी वो मुंह के भार गिरी व हार का सामना करना पड़ा।
वहीं जीत के बाद समर्थकों ने आतिशबाजी कर जमकर नारेबाजी की । और सुखचंद बेसरा को बधाई का शिलशिला का ताता लगा हुआ था।
वही अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त होने के बाद अपनी नई पारी की शुरुआत की बात करते हुए उपाध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि जनपद में करोड़ों के घपले की पुष्टि हो चुकी है। और इसमें अध्यक्ष का हाथ था। इसी का विरोध में किया था जिसके कारण सदस्य को बरगला कर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। अध्यक्ष ने मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाकर एससी आयोग में मामला दर्ज कराने की बात भी कही। अभी बचे दो साल के कार्यकाल में जनपद के सभी कार्य में पारदर्शिता होगी। व किसी की मनमानी नहीं चलेगी वहीं हार के बाद अध्यक्ष से मीडिया बात करनी चाही तो मीडिया के सामने आने से इंकार कर दिया।
इस अविश्वास प्रस्ताव में पीठासीन अधिकारी रही सुश्री अर्पिता पाठक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जनपद उपाध्यक्ष सुखचंद बेसरा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सम्मिलित की गई थी। जिसमें से जनपद पंचायत देवभोग के 18 सदस्यों में से 17 सदस्यों ने शामिल हुए। जिसमें से 11 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिए। वहीं छह अविश्वास प्रस्ताव के विपक्ष में वोट दिए। जिसके चलते अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त हुआ व सुखचंद बेसरा उपाध्यक्ष पद पर पुनः बने रहेंगे।
