परियोजना विभाग से दिव्यांग उदय कमार के परिवारों को नहीं मिल पा रहा कोई मदद**बूढ़ी मां दिव्यांग बेटे के लिए बाहर से लाते हैं पानी

**छुरा@@@@@गरियाबंद जिले के छुरा ब्लॉक मुख्यालय से महज 6 किलोमीटर दूरी पर ग्राम पंचायत जरगांव के कटेलपारा में निवासरत विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग आज भी शासन की योजनाओं से वंचित है एक ऐसे परिवार बेटा दिव्यांग बूढ़ी मां कैसे चला रहे हैं अपने परिवार ऐसे परिवारों से मुलाकात करने गरियाबंद जिले के समाजसेवी मनोज पहुंचते हैं और जाने उनकी हाल आप लोगों के लिए शासन क्यों ध्यान नहीं दे रहे हैं उन लोगों ने बताया हम कहीं आ जा नहीं सकते न हीं हमें कुछ जानकारी है मोबाइल भी नहीं है अपनी परेशानी दुख दर्द किसे बताएं हमारे बेटे भी गरीबी के चलते पढ़ाई से वंचित हो रहे हैं अगर हमारा शासन-प्रशासन मदद करें तो हमारा स्थिति सुधर सकता है दिव्यांग उदय कमार पेंशन योजना से भी वंचित है दिव्यांग प्रमाण पत्र का भी नहीं था जानकारी समाजसेवी मनोज पटेल ने बनवाया दिव्यांग प्रमाण पत्र ना ही कहीं आने जाने के लिए कोई ट्राईसाईकिल मिल पाया क्योंकि इस सुविधा को लेने के लिए आय जाति निवास सभी बनाने पड़ते हैंऔर भी इस हालात में नहीं बनाने जा सके शासन भले ही कहते हैं कि दिव्यांगों के लिए सभी सुविधाएं घर पहुंच मिलेगा लेकिन ऐसा नहीं होता। न हीं मां बेटे को स्वास्थ्य सुविधा योजना का भी लाभ मिल पाया पीएम आवास योजना से भी वंचित है।*बेटे का भी दिमागी हालत ठीक नहीं कहीं ले जाने के लिए पैसे भी नहीं*इन परिवारों की हालत अगर ऐसे ही रहा तीनो बेटे पढ़ाई से वंचित ना हो जाए।इन परिवारों की बुरी हालत देख रो पड़े गरियाबंद जिले के समाजसेवी मनोज पटेल और कहा जिस दिन से मेरे द्वारा कमार जनजाति के धरमपुर नवजात शिशु डिलीवरी के दौरान माता जी का मृत्यु हो जाने के पश्चात बच्चे को पाउडर तक के पैसे नहीं थे इस स्थिति में मैंने उस नवजात शिशु की बड़े होते तक जिम्मेदारी ली थी उस दिन से विशेष कुछ भी कमार जनजाति लोगों को अपना एक परिवार मानता हूं। दिव्यांगों को जनपद पंचायत छुरा से भी नहीं मिल पाता मदददिव्यांग उदय कमार के परिवारों की दुख दूर करने में मैं अपना पूरा मदद करूंगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *