** रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग द्वारा एनपीएस ओपीएस विकल्प भरने हेतु 20 फरवरी अंतिम समय दिया गया है। कर्मचारियों द्वारा समय बढ़ने की अपेक्षा में विकल्प नहीं भरा जा रहा है। अकेले रायपुर जिले में लगभग 17,134 कर्मचारियों में से मात्र 24 कर्मचारियों द्वारा विकल्प भरा गया है। उसे अपलोड करने में बहुत समय लगेगा। क्योंकि 20 तारीख अंतिम तिथि है, इसलिए यदि कर्मचारी 20 तारीख तक शपथ पत्र देगा तो उसे अपलोड करने में बहुत तकलीफ होगी। कर्मचारी नेता विजय कुमार झा ने मांग की है कि 20 फरवरी के तिथि को बढ़ाया जाए। कर्मचारियों से अपील की है कि जिनकी सेवाएं 9 वर्ष 9 माह हो, उन्हें ही नई पेंशन योजना का विकल्प प्रस्तुत करना चाहिए। श्री झा ने 9 वर्ष 9 माह की सेवा को स्पष्ट करते हुए कहा है कि विशेषकर जो शिक्षाकर्मी 1 जुलाई 2018 को संविलियन हुए है, यदि वे 30 सितंबर 2027 के पूर्व सेवानिवृत्त हो रहे हैं, या जो संविलियन के बाद जुलाई 2018 के उपरांत सेवानिवृत्त हुए है, उन्हें अंशदाई पेंशन योजना का चयन करना चाहिए। साथ ही ऐसी कुछ महिलाएं जो पति के दिवंगत होने पर 52-53 वर्ष की उम्र में अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त की है तथा वे 62 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर सेवानिवृत्त हो जाएंगी। उन्हें भी 9 वर्ष 9 माह की सेवा होने पर अंशदाई पेंशन योजना का चयन करना चाहिए। उपरोक्त परिस्थिति में कर्मचारी नेता ने मांग की है कि 20 फरवरी का विकल्प का समय बढ़ाया जाना चाहिए। नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता की मांग को लेकर 11 फरवरी को तूता नई राजधानी में 20-25 हजार शिक्षकों ने शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री मनीष मिश्रा के नेतृत्व में जंगी प्रदर्शन किया जहां पुलिस और शिक्षकों के बीच झूमा झटकी में कुछ शिक्षकों व पुलिसकर्मियों को चोटें भी आई हैं। स्वतंत्र भारत में शासकीय सेवकों से सादे पत्र पर ही विकल्प लिया जाता था। पहली बार शपथ पत्र लिया जा रहा है। कर्मचारियों में आक्रोश है कि केंद्र और राज्य सरकार ने हमारे ऊपर जबरिया एनपीएस को थोपा था। उस समय विकल्प नहीं लिया गया था। अब कर्मचारियों को फंसाने पुरानी जमा राशि को दूबत खाते में ले जाने, 18 वर्ष की कटी राशि तथा उस पर चक्रवृद्धि ब्याज को डुबाने की केंद्र और राज्य की सोची समझी साजिश प्रतीत होती है।
