- भागवत कथा भक्ति और शिव पुराण मार्ग -विष्णु अरोड़ा
- शिव मंदिर वार्षिक उत्सव एवं महाशिवरात्रि पर्व पर आयोजित
जामगांव-आर। 12 फरवरी से सात दिवसीय श्री शिवमहापुराण कथा का शुभारंभ कलश यात्रा से प्रारंभ हुआ प्रथम दिवस कथा वाचक बाल योगी विष्णु अरोड़ा जी ने कहा की भागवत कथा और शिव पुराण दोनो एक दूसरे से जुड़े हुए है और भागवत कथा भक्ति का मार्ग है और शिव पुराण उस मार्ग का मंजिल है भागवत साधन है पुराण साध्य है मार्ग महत्व पूर्ण नही होती मंजिल महत्व पूर्ण होती है इसलिए सभी से निवेदन की शिव महापुराण कथा को बहुत ही ध्यान से श्रवण करना होता है ।
सृष्टि के रचना तीन देवो से हुई है ब्रम्हा विष्णु महेश ,।

भगवान शिव मुक्ति के दाता है इसलिए भगवान शिव की पूजा अधिक होती है शिव पुराण कथा को तीर्थराज कहा गया है इसमें गंगा जमुना सरस्वती का संगम है गंगा को भक्ति स्वरूपा माना गया है भक्ति सभी के द्वारा किया जाता है।जमुना कर्म है कर्म में हमेशा अहंकार होती है सरस्वती ज्ञान है इसी प्रकार शिव पुराण में भक्ति ,कर्म और ज्ञान का संगम है।शिव पुराण का आधार विश्वास है भगवान स्वयं वट वृक्ष है शिव पुराण के माध्यम से शिव पुराण में भगवन शिव की महिमा करने का सौभाग्य मिला है जिसका हम श्रवण पान बटरेल में करने जा रहे है सात दिनों में हम शिव महापुराण कथा करेंगे शिव की महिमा जानेंगे शिव पुराण में शिव की महत्म है । परीक्षित के रूप में पूर्णानंद पूर्णिमा साहू बैठ कथा का श्रवण कर रहे परायणकर्ता प. ओंकेश अवस्थी कर रहे ।

आज बाल योगी विष्णु अरोड़ा जी के शिव महापुराण कथा में प्रमुख रूप से डा दयाराम साहू,श्रीमती रमशिला साहू पूर्व कैबिनेट मंत्री , भीखम साहू दुर्ग सहित, हुनेंद साहू दिव्या साहू , नरेश केला ,धनराज साहू , भोकलुराम साहू ,यादव राम साहू दीनानाथ साहू ,रामलाल साहू , भीखम साहू नरेंद्र साहू इंद्र कुमार , राजेश कुमार, विनोद कुमार , भगवान सिंह कतलम सहित अनेकों शिव भक्त श्रद्धालुजन उपस्थित रहे ।
