मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न।

कांकेर से विकास अंभोरे की रिपोर्ट

“*…*कांकेर: – पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमण्डल के कापसी वन परिक्षेत्र अंतर्गत पखांजूर में छ.ग. शासन के महत्वाकाक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित किया गया। कार्यशाला में कार वृत्त कार के मुख्य वन संरक्षक राज अगासिमनी के द्वारा पश्चिम मानुप्रतापपुर वनमण्डल के समस्त स्टॉफ को मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय अमला को योजना के बारे में ग्रामीणों / हितग्राहियों को जानकारी देकर के योजना से जुड़ने हेतु प्रेरित किया जा सके। कार्यशाला में मुख्य वन संरक्षक द्वारा योजना प्रारम्भ करने की आवश्यकता योजना के उद्देश्य से योजना की पात्रता एवं हितग्राहियों की वयन तथा योजना से होने वाली लाभ पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस योजना के अंतर्गत निजी भूमि पर व्यापारिक प्रजाति के वृक्ष जैसे बांस सागौन, नीलगिरी, मिलिया डुबिया, चंदन, एवं अन्य औषधि प्रजाति के पौधे लगा कर वनों पर लोगों का निर्भरता कम करना एवं वन घनत्व को वनक्षेत्र के बाहर वृद्धि करना है। इसमें वन विभाग द्वारा किसानों को उच्च गुणवत्ता के पौधे जैसे टिशू कल्चर बांस, टिशू कल्चर सागौन, मिलिया डुबिया, क्लोनल नीलगिरी एवं अन्य प्रजाति के पौधे प्रदाय किये जायेंगे। किसान हितग्राही को पौधा रोपण एवं सुरक्षा का व्यय शासन द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरण किया जावेगा। मुख्य वन संरक्षक द्वारा बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 एकड़ तक भूमि पर (अधिकतम 5000 पौधे) 100 प्रतिशत तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। टिशू कल्चर सागौन को 4×4 मी 250 पौधे प्रति एकड़, बांस को 8×12 fit 450 पौधे प्रति एकड़ एवं क्लोनल नीलगिरी 3×1.5 मी. 900 पौधे प्रति एकड़ एवं इसी प्रकार रोपण क्षेत्र के खाली जगहों पर औषधी प्रजाति के पौधे को लगाये जा सकते है। योजना का उद्देश्य किसानों / हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सकें। कार्यशाला में मुख्य वन संरक्षक द्वारा योजना से होने वाले लाभ के बारे में भी बताया गया कि बास रोपण पर प्रतिवर्ष प्रति एकड़ पर 23000/- क्लोनल नीलगिरी पर प्रति एकड़ 14000/- एवं सागौन पर प्रति एकड़ 217000/- तथा मिलिया डुबिया पर प्रति एकड़ 81000/- प्राप्त होंगे। पूर्व वर्षों में रोपित नीलगिरी पौधों की बिक्री में भी विभाग द्वारा सहयोग किया जायेगा। इस योजना से प्राप्त वनोपज को सीधे पेपर मिल मालिकों द्वारा स्वयं के वहन पर कटाई एवं परिवहन करके वनोपज की राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में हस्तांतरण किया जायेगा। इस कार्यशाला में पश्चिम भानुप्रातपपुर वनण्डल के वनमण्डलाधिकारी शशीगानंदन द्वारा समस्त स्टॉफ को अधिक से अधिक ग्रामीणों से सम्पर्क कर योजना के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निर्देशित किये गये। इस कार्यशाला में पश्चिम भानुप्रतापपुर वनमण्डल के समस्त उप वनमण्डलाधिकारी परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक एवं परिसर रक्षक तथा ग्रामीण भी उपस्थित थे।

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