**बेमेतरा(सुनील नामदेव)- बेमेतरा जिले की जल जीवन मिशन पीएचई विभाग के लिए भ्रष्टाचार मिशन बनकर रह गया हैं,अनुभवहीन ठेकेदार को काम दिया गया हैं,जो कभी पाईप लाईन,टंकी निर्माण कार्य ही नहीं किये हैं,और किसी भी ठेकेदार के पास अनुभवी तकनीकी जानकार भी नहीं हैं ठेकेदार के द्वारा गांव गांव पाईप लाईन आधी अधूरी बिछाई गई हैं गांव गांव घरो के सामने सार्वजनिक नल कनेक्शन का स्टैण्ड पोस्ट खड़ा कर दिया गया हैं,टंकी निर्माण कार्य भी आधे अधूरे पड़ा हैं और ठेकेदार को विभाग के द्वारा करोड़ो रूपए का भुगतान भी किया जा चुका हैं लेकिन आज तक किसी गावं वालो को पीने का पानी नसीब नहीं हो पा रहा हैं निर्धारित समय सीमा के बाद भी योजना आधी अधूरी हैं अधिकारी खाना पूर्ति करने में लगे हुये हैं जल जीवन मिशन को लेकर विधान सभा की शीतकालीन सत्र में विपक्षी एवं सत्ता पक्ष के विधायक के द्वारा सदन में प्रश्न भी उठाया गया था जहां विधायक ने सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजना प्रदेश में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं,प्रदेश सरकार का चार साल से जल्दा का कार्यकाल पूरा हो चुका हैं लेकिन प्रदेश में जल जीवन मिशन के कार्य आधे अधूरे ही हैं आखिर जनप्रतिनिधि चुनाव के समय जनता को क्या जवाब देगी,इसके बाद भी पूरा विभाग कुम्भकर्ण नींद में सोई हुई हैं क्योंकि ये योजना केन्द्र सरकार के द्वारा हर घर स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए ही जल जीवन मिशन चलाई जा रही हैं लेकिन छत्तीसगढ़ में ये योजना प्रशासनिक उदासीनता के चलते योजना पूरा होने से पहले ही दम तोड़ने लगी हैं।
बेमेतरा जिला ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में समय से पहले ही दम तोड़ने लगी हैं जल जीवन मिशन योजना
