उतई ।ग्राम बोरीडीह में साहू परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के प्रथम दिवस में मंगलाचरण शुकदेव जन्म राजा परीक्षित जन्म और श्राप की कथा पर भाव व्यक्त करते हुए प्रवचनकर्ता मानस मर्मज्ञ स्वामी चंद्रकांत शर्मा ने कहा, संसार मे सत्य और असत्य का बोध हंस की तरह होना चाहिए जैसे हंस दूध और पानी मे से दूध को ग्रहण कर पानी का त्याग कर देता है वैसे ही जीवन मे सत्य के साक्षी बने असत्य का त्याग करें। सत्य की राह में ही परमात्मा का मिलन होगा ।आज कलिकाल में लोग असत्य का साथ देकर सत्य का त्याग कर रहे है जो कि सर्वथा अनुचित है।
कर्म के फल को हमे इसी जन्म में प्राप्त होता है जो बचा हुआ कर्म फल है वो अगले जन्म में प्राप्त होता है इसलिए अच्छा कर्म करे और अच्छे फल को प्राप्त करे। बुराई का अंत करने के लिए ही परमात्मा का जन्म होता है , जिस दिन जीवन मे बुराई का अंत हो जाय समझ लेना कि जीवन मे परमात्मा का प्रागट्य हो गया है।
आगे शर्मा जी ने कहा की जन्म और मृत्यु निश्चित है किसी का पहले किसी का बाद में ।मृत्यु के पूर्व ही भक्ति के मार्ग में प्रशस्त होकर राजा परीक्षित की भांति जीवन मुक्ति को प्राप्त करे। मानव का जन्म दुर्लभ है इसका सदुपयोग करे दुरुपयोग नही।दुख से दग्ध संसारी जीव को एकमात्र शांति सत्संग की छांव में ही प्राप्त होता है।प्रथम दिवस भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पूजा अर्चना कार्यक्रम में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू जिला पंचायत सभापति योगिता चंद्राकर जनपद पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र देशमुख जनपद पंचायत उपाध्यक्ष झमित गायकवाड जनपद पंचायत सभापति राकेश हिरवानी सरपंच घनश्याम गजपाल भीषम हिरवानी राजेश साहू वेदनारायण साहू गुलाब साहूआदि शामिल हुए।
मानव का जन्म दुर्लभ है इसका सदुपयोग करे दुरुपयोग नही-चंद्रकांत शर्मा
