कोविड-19 से बचाव हेतु रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आयुर्वेदिक उपायों का करें प्रयोग-कलेक्टर एल्मा

नारायणपुर. कोविड-19 से बचाव हेतु रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय कारगर हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय (महानदी भवन) रायपुर से ताजा आदेश में कलेक्टरों को इसके व्यापक प्रचार हेतु दिशा-निर्देश दिये गये हैं। कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ने कहा है कि आयुर्वेद पद्धति हर व्यक्ति की रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने में कारगर है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्राथमिक रूप से हमें स्वयं प्रयास करने होंगे। इसके लिए व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखें। साबुन और पानी से अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक धोए। बिना धोए हाथों से अपनी आँखें, नाक और मुँह छूने से बचें, घर पर रहें। जो लोग बीमार हैं, उनके निकट सम्पर्क से बचें। मास्क का उपयोग करें। सर्दी व खांसी के मरीज साफ-सुथरा रूमाल रखें और रोज बदलें। पानी खूब पिएं तथा पौष्टिक आहार का सेवन करें। पौष्टिक आहार और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। खांसी व छींक आने पर मुँह व नाक पर रूमाल तथा टिशू पेपर का उपयोग करें।

कलेक्टर श्री एल्मा ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के जारी दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि ’आयुर्वेदिक उपाय’ में प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान करें। पूरे दिन केवल गर्म पानी पिएं। हल्दी, जीरा, धनिया एवं लहसुन आदि मसालों का भोजन बनाने में प्रयोग करें। तुलसी 40 ग्राम, काली मिर्च, सोंठ एवं दाल चीनी 20-20 ग्राम लेकर इन्हें सुखाकर पावडर बनाकर बन्द डिब्बे में रख ले और 3 ग्राम पाउडर को 150 एम.एल पानी मे उबालकर दिन में 2-3 बार सेवन करें। त्रिकुट पाउडर 5 ग्राम, तुलसी 3 से 5 पत्तियां 1 लीटर पानी में डालकर उबालें, आधा रहने पर आवश्यकता अनुसार घूंट-घूंट कर पिएं। गोल्डन मिल्क -150 एम.एल. गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी चूर्ण दिन में एक से दो बार लें। उन्होंने कहा कि जन मानस इसका उपयोग कर रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि कर सकता है। प्राचीन काल से आयुर्वेद मनुष्य के लिए लाभाकारी एवं गुणकारी रहा है।

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