आशा शर्मा@सिहावा नगरी। ग्राम खल्लारी मे खेत रखवाली करने गये बुजुर्ग व्यक्ती की हाथियो मे कुचल-कुचल कर मार डाला जाहा मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई वन विभाग के अधिकारियो ने शव का पंचनामा कर लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया।
उल्लेखनीय है की नगरी क्षेत्र के रिजर्व फारेस्ट क्षेत्र मे सिकासेर दल के लगभग पैंतीस हाथियो का दल विचरण कर रहा है जो इस जंगल को पिछले साल से अपना ठिकाना बना लिया है और इस जंगल को अपने लिये सबसे सुरक्षित स्थान मानकर यही जमे हुए है जो आज वनांचल मे बसे आदिवासी परिवार के लिये मुसीबत बन गई है जहा हाथियो द्वारा किसानो के फसल से लेकर खेतो मे सोलर पेनल , छोपडी , घर के साथ यहा बसे ग्रामीणो का भी जान ले रहा है ठीक ऐसा ही एक मामला फिर सामने आ गया जहा खल्लारी नवापारा निवासी बुधराम कावडे पिता हलाल खोर कावडे उम्र 66 वर्ष खेत मे रखवाली करने गया था। जहा लगभग पैंतीस हाथियो का दल आ धमका और रखवाली करने गये वृद्ध को पटक-पटक कर मार डाला जहा वुद्ध व्यक्ती की लाश छत विक्षत थी। हाथ पैर अलग अलग और शरीर के हड्डी भी कई तुकडे हो गये जहा मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई जहा सुबह होते ही वन विभाग के अधिकारी ने पंचनामा कार्यवाही कर लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। जहा आम ग्रामीणो मे दहशत के साथ वन विभाग के अधिकारियो पर भी ग्रामीणो मे आक्रोश है।

खेतो मे फसल नही हाथी पहुच रहे ग्रामो मे
वही जब खेतो मे फसल पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध थी तब हाथी अराम से खेतो मे फसलो को चट कर रहे थे और आम ग्रामीणो को फसल का प्रकरण बनाकर मुआवजा भी देते रहे और हाथियो को यहा रहने का पनाह भी मिलता रहा जो अब फसल खत्म होने के बाद हाथी सीधे गाव मे पहुच रहे और वहा जमकर उत्पात मचा रहे और तो हाथी सीधे ग्रामीणो पर ही हमला कर रहे जहा मौके पर ही उनका मौत हो रहा।
बुजुर्ग व्यक्तीयो पर खतरा ज्यादा
वही वनांचल मे अक्सर खेतो की रखवाली करने बुजुर्ग व्यक्ती ही रहते है और हाथियो का दल अचानक कोई भी गाव के खेत खलिहान मे पहुच जाता है जहा जवान व्यक्ती भाग कर अपनी जान बचा लेता है तो बुजुर्ग व्यक्ती भागने मे असफल के चलते हाथी उनकी मौत का कारण बन रही अभी हाल ही मे दो और वृद्ध व्यक्ती की हाथी के हमले से मौत हो चुकी है।
गजराज वाहन मे सोये वन कर्मी के पैर को खीच रहा था हाथी
वही अब वन कर्मी भी हाथी के हमले से बार बार बच रहे है ठीक ऐसा ही हाथी मे ड्यूटी मे लगे एक वन कर्मचारी गजराज वाहन मे बैठे बैठे ही आख लग गयी और वहा हाथी पहुच गया हाथी भी वन कर्मचारी के पैर को सूड मे पकडने की कोशिश कर रहा था की अचानक कर्मचारी की आख खुल गई और वो फिर वहा से बडी मुश्किल से जान बचाकर निकले।
वनांचल मे मडई मेला ग्रामीणो की बढी मुसीबत
वही आज ही वनांचल के फरसगाव मे मडई का आयोजन है जो की घटना स्थल से बमुश्किल से दस की मी की दूरी पर है ऐसे मे ग्रामीण को मडई मेला के आयोजन के साथ रात्रि मे कार्यक्रम के लिये भी सोचना पड रहा है और बाहर से आने वाले व्यपारियो को भी वापसी के लिये मुसीबत का सामना करना पड सकता है हाथियो का झुण्ड कभी भी कही भी पहुच जाता है शनिवार को लखनपुरी का मडई है जहा आसपास के फरसगाव , ठोठाझरिया, खल्लारी , साल्हेभाट , आमझर, मुहकोट सहित हाथियो के विचरण क्षेत्र के ग्रामीण का आना जाना लगा रहता है जो अब हाथी के चलते ग्रामीणो मे आयोजन को भी लेकर कमोबेश है
सहायता राशि पच्चीस हजार दिये
वही शोकाकुल परिवार को तत्काल सहायता राशी पच्चीस हजार रूपय दी गई जो उनके अंतिम संस्कार कार्यक्रम के लिये व छः लाख का चेक भी प्रकरण तैयार कर जाच के बाद परिजन को दी जायेगी
