नवीन पूर्व माध्यमिक शाला कोपरा के प्रधान पाठक धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर को कूटरचना के तहत षडयंत्र रच के बदनाम करने का कुत्सित प्रयास

खबर हेमंत तिवारी पाण्डुका l नवीन पूर्व माध्यमिक शाला कोपरा में गत 13 दिसंबर को वहाँ के प्रधान पाठक धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर के शाला में नवपदस्थ एक शिक्षक के विरुद्ध की गई शिकायतों के जांच हेतु एक विभागीय समिति आई थी। पहले दिन जाँच अधूरी रह जाने के फलस्वरूप समिति अगले दिन 14 दिसंबर को पुनः जाँच हेतु बैठी। उसी दौरान जाँच को मुद्दों से भटकाने हेतु षडयंत्रपूर्वक कुछ मासूम विद्यर्थियों को आगे कर कूटरचना कर जांच को मुद्दों से भटकाया गया। एवं दुष्प्रचार किया गया। इस से क्षेत्र के शिक्षकों व नागरिकों में बहुत रोष व्याप्त है। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग के प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ,शिक्षक फेडरेशन गरियाबंद के जिलाध्यक्ष मिश्रीलाल तारक, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ तहसील छुरा के अध्यक्ष एम आर खान, शिक्षक फेडरेशन के राजिम तहसील अध्यक्ष यशवंत कुमार साहू सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षको ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से माँग रखी है कि षड्यंत्रकारी को दंडित किया जाये व जिन मुद्दों पर जांच आधारित थी उन मुद्दों को जांच का विषय बना कर उचित कार्यवाही किया जाए।चंद्रशेखर तिवारीप्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघमैं विगत 20 वर्षों से धर्मेंद्र सिंह ठाकुर जी को जानता हूँ। वे हमारे संगठन के संघर्षशील व जुझारू साथी रहे हैं। वे अपने बेबाक व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। उन्हें जिस तरह कूटरचना के तहत षडयंत्र रच के बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया गया है उसकी मैं कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से जांच हेतु निर्धारित मुद्दे पर उचित कार्यवाही करने की मांग करता हूँ।राजेश चटर्जीप्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशनमैं धर्मेंद्र सिंह ठाकुर को व्यक्तिगत रूप से जनता हूँ। उनकी छवि स्वच्छ, अनुशासित, ईमानदार व सिद्धान्तवादी शिक्षक की रही है। उन्होंने कर्मचारी संगठनों में रह कर कर्मचारी हित मे सदैव कार्य किया है।पूर्व में उनके द्वारा अपनी संस्था के एक शिक्षक के शासकीय दायित्व के निर्वहन न करने, प्रधान पाठक के निर्देशों की लगातार अवहेलना करने एवं बात बात पर विवाद करने जैसे घटना की विभागीय शिकायत शाला प्रमुख के नाते धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर के द्वारा किया गया था। जिस पर विभागीय समिति के द्वारा जाँच प्रारम्भ की गई थी। तथ्यात्मक विषयों पर जारी जाँच के दौरान कूटरचित मुद्दों को अन्य किसी माध्यम से उठा कर जांच को भटकाया गया है। साथ ही गाँव,विद्यालय,विद्यार्थी एवं गुरु की गरिमा को नष्ट करने की कोशिश की गई है। जिसकी मैं निंदा करता हूँ । प्रशासन से मांग करता हूँ कि इस मामले के वास्तविक तथ्यों पर आधारित जाँच उपरांत कार्यवाही किया जाए।

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