जामगांव आर। जामगांव आर के बाजार चौक में चल रहे शिव महापुराण कथा के तीसरे दिवस शिव पार्वती प्रसंग पर सजीव झांकियों के साथ भगवान शिव की बारात निकाली गई जिसमें श्रद्धालुगण जमकर झूमे और सुमधुर भजनों पर धर्मप्रेमी भावविभोर होते नजर आए ! कथाचार्य पं शिवानन्द महाराज ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है,बिना श्रद्धा और विश्वास के पति-पत्नी का जीवन सुखमय नहीं हो सकता वहीँ श्रद्धा के बिना धर्म की भी कल्पना ही नहीं की जा सकती है,कथा के क्रम में उन्होंने बताया कि शिव जी की समाधि भंग करने जब काम पहुंचा तो भगवान ने तीसरा नेत्र खोला और वह जल कर भस्म हो गया वस्तुतःतीसरा नेत्र ज्ञान चक्षु है जब यह खुलता है तो मनुष्य के अंदर से काम जल जाता है।

कथाव्यास ने बताया कि धर्म पर आरूढ़ होकर ही गृहस्थ जीवन को ठीक ढंग से चलाया जा सकता है जिसके जीवन में डगमगापन खत्म हो जाए दरअसल वही तो कैलाश है, हमारा भवन भले ही ऊंचा न हो,किन्तु भावनाएं ऊंची होनी चाहिए। शनिवार को पं शिवानन्द ने कार्तिकेय और गणेश के जन्म की कथा सुनाई ! कथास्थल में भीखमचंद राठी,कोमल साहू,जनक साहू,मोहन चंद्राकर,सोम साहू,अनिल चंद्रवंशी,बलदाऊ राव,जीवलोखन चंद्राकर, कन्हैयालाल साहू,धनसाय साहू,शैलेन्द्री मंडावी,नंदिनी साहू,भारती सोनबेर,मीरा चंद्राकर, उर्मिला यादव,मालती साहू,मधु सहाढ़े,आशा चंद्राकर,सकून यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे !
