बेमेतरा(सुनील नामदेव)। फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय बेमेतरा ने दुष्कर्म के आरोपी को बीस वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित किया गया हैं।
दाढी क्षेत्र में हुए दुष्कर्म के मामले में विशेष प्रकरण में सुनवाई किया जाकर संदेह से परे सिद्ध होने पर फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट), जिला- बेमेतरा के विद्वान पीठासीन अधिकारी, श्रीमती मधु तिवारी, अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा दिनांक 19.12.2022 को निर्णय पारित कर अभियुक्त मनीष टण्डन पिता रामकुमार टण्डन, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम नेवासपुर, थाना दाढी जिला बेमेतरा (छ.ग.) को बीस वर्ष के सश्रम कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित करने का निर्णय पारित किया छ.ग. राज्य की ओर से सतीश वर्मा, विशेष लोक अभियोजक, बेमेतरा ने पैरवी की।
अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि, पीड़िता की पिता के द्वारा थाना दाढ़ी में दिनांक 14.06.2022 को उपस्थित होकर इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 11.06.2021 को उसके घर में पीड़िता अपने दादा के साथ रात्रि में खाना खाकर अपने कमरे में सोये थे. वह अपनी पत्नी के साथ बाहर गया हुआ था। जब रात्रि 1:00 बजे उसके पिताजी बाथरूम जाने के लिए उठे तो घर के कमरा का दरवाजा खुला हुआ देखकर पीडिता को आवाज दिये और उसके कमरा में जाकर देखे तो वह बिस्तर में नहीं थी तब पीडिता के दादा ने पीडिता के चाचा को बुलाकर पीड़िता के कमरे में नहीं होने की बात बताया और गांव के आसपास में उसका पता तलाश किये तो कोई पता नहीं चलने पर पीड़िता के चाचा ने पीड़िता के पिता को उक्त बात बताया तब वह भी गांव आकर अपने रिश्तेदारों के यहां पीडिता की खोजबीन किया, जिसका कोई पता नहीं चला। कोई अज्ञात व्यक्ति पीड़िता को नाबालिग होना जानते हुए उसके वैप संरक्षण से बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है। पीड़िता के पिता की उक्ताशय की रिपोर्ट पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध थाना दाढ़ी के द्वारा अपराध क्रमांक-55/2022 अन्तर्गत धारा 363 भाव के तहत पंजीबाद कर विवेचना की गई।
विवेचना के दौरान अभियुक्त मनीष टण्डन पिता रामकुमार टण्डन, उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम नेवासपुर, थाना दाढी, जिला बेमेतरा (छ.ग.) के कब्जे से पीड़िता को ग्राम किशुनगढ़, पण्डरिया, से बरामद किया गया। विवेचना के दौरान आरोपी के विरूद्ध अपराध सबुत पाए जाने पर अंतिम प्रतिवेदन तैयार कर आरोपी के विरुद्ध भा. द. संहिता की धारा 363, 366ए 376 तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 4. 6 के तहत् विचारंण हेतु सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
इस सत्र प्रकरण में अभियोजन की ओर से 10 साक्षियों के कथन कराये गये, विशेष प्रकरण में सुनवाई किया जाकर संदेह से परे सिद्ध होने पर फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट). जिला बेमेतरा के विद्वान पीठासीन अधिकारी श्रीमती मधु तिवारी, अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा दिनांक 19.12.2022 को निर्णय पारित कर अभियुक्त मनीष टण्डन पिता रामकुमार टण्डन । 24 वर्ष निवासी ग्राम नेवासपुर थाना दाढ़ी जिला बेमेतरा (छ.ग.) को पारा 363 भा.द.दि. की दोषसिद्धि पर 04 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/- रू अर्थदण्ड एवं पारा 06 (क) मा.द.वि. की दोषसिद्धि पर 07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/- रू अर्थदण्ड तथा धारा 42 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के परिप्रेक्ष्य में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 (2) (जे) (एन) एवं धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में से गुरूत्तर मात्रा के दण्ड की धारा 6 पॉक्सो एक्ट की दोषसिद्धि पर बीस वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2,000 /- रू. अर्थदण्ड से दण्डित किया इस सत्र प्रकरण में छ.ग. राज्य की ओर से सतीश वर्मा, विशेष लोक अभियोजक, बेमेतरा ने पैरवी की।
दुष्कर्म के आरोपी को बीस वर्ष का सश्रम कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित किया गया
