आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ अपने सात सूत्रीय मांगो के लेकर 23जनवरी से पांच दिन तक करेगी धरना,प्रदर्शन,, प्रेस वार्ता लेकर दी जानकारी

रायपुर=आंगन बाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिका संयुक्त मंच .छत्तीसगढ़ के मुख्य प्रान्तीय पदाधिकारियो का आज दिनांक को 1.30 बजे रायपुर प्रेस क्लब मे प्रेस वार्त्ता हुई प्रेस वार्त्ता मे आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओ के सात प्रमुख संघ छत्तीसगढ के.इतिहास मे पहली बार एक जुट होकर 23 जनवरी 2023 से सभी आंगनबाडी केन्द्रो मे ताला लटकाने और महिला बाल विकास विभाग के सभी कार्य ठप्प करने का किया गया ऐलान.सड़क पर उतरेगी लाखो आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकायें। देश के लगभग सत्ताईस लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाएं केन्द्र के नरेन्द्र मोदी सरकार से न्यूनतम .पारश्रमिक नही दिये जाने और छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार की चुनावी वादा खिलाफी से आक्रोसित है.काम की बात आती है तो दोनो सरकारे एक हो जाती है और दबाव से काम लेती है लेकिन उचित दाम देने की बात आती है तो दोनो सरकारे एक दुसरे के ऊपर मढ़ते है .राज्य सरकार कहती है इप केन्द्र के है केन्द्र जाने.केन्द्र सरकार कहती है राज्य का काम करते तो राज्य को ज्यादा सुविधा देनी चाहिये आखिर इससे साबित होता है कि महिला शसक्तीकरण की बाते दोनो सरकारे करती है वह खोखला है ।न्यूनतम मानदेय स्वीकृत करने.समय पर वेतन देने.पेशन.पदोन्नति देने.इन सभी सुविधा के लिये सरकार गंभीर.नही है दोनो ही सरकारे महिलाओ का शोषण कर रही है.जिससे महिलाओ मे काफी आक्रोश ब्याप्त है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाओ को जिने लायक वे तन भी नही मिल रहा है 4500/- केन्द्र और 2000/- राज्यांश कुल 6500/-और सहायिका को 2250/-केन्द्र 1000/- राज्यांश कुल 3250/- सहायिका को मानदेय मिल रहा है उसमे राज्यांश की राशि चार पांच माह मे एक बार रोक रोक कर मिल दिया जा रहा है।इसी तरह अन्य स्वयत्व ईधन राशि.मातृत्व वदन.यात्रा भत्ता इत्यादि समय पर नही दिया जाना अत्यन्त गंभीर बात है महिला बाल विकास के नीचे से ऊपर तक के अधिकारी समस्याओ के समाधान करने के बजाय कार्यकर्त्ता सहायिकाओ को छोटी छोटी बातो मे सेवा से निकाले जाने की धमकी.संसाधन नही होने के बाद भी कार्य करने का दबाव देना.मोबाईल मोबाईल नेट चार्ज नही है उसके बाद दबाव देकर बंधुआ मजदूर की तरह कार्य लिया जाना भयादोहन कर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिकाओ को आर्थिक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. उक्त सभी बातो को लेकर प्रदेश के एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता सहायिका काफी आक्रोसित है और सरकार को इस बात से कई बार अवगत कराया जा चुका बावजूद भी संयुक्त पुनः सरकार को वार्त्ता के माध्यम मागो का निराकरण हेतु 22/01/2023 तक का समय दिये जाने और इसके बाद भी मांग पूरा नही होने पर 23 जनवरी 2023 से पांच दिन तक रायपुर राजधानी मुख्यालय मे सभी जिलो से कार्यकर्त्ता सहायिकाये भारी संख्या मे उपस्थित होगे और उसके बाद भी सरकार को सदबुध्दी नही आइ तो हम इसे अनिश्चित कालिन मे तब्दील करते हुये सभी जिला मुख्यालय धरना देगे। प्रेस वार्त्ता मे सरिता पाठक.पदमावती साहू.रूक्मणी सज्जन.हेमा भारती.सुमन यादव.सौरा यादव .भुनेश्वरी तिवारी.पुष्पा राय उपस्थित रही।उक्त जानकारी देवेन्द्र पटेल प्रान्तीय संयोजक.और अध्यक्ष ……………..के द्वारा दी गई।

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