जल-वायु परिवर्तन राज्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती – छत्तीसगढ़ इंटर एजेंसी ग्रुप पर राज्य कार्यशाला का आयोजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ इंटर एजेंसी ग्रुप की एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन होटल कोर्टयार्ड मैरियट रायपुर में किया गया | जिसमें यूनिसेफ के साथ-साथ राज्य की 30 से अधिक संस्थाओं ने भाग लिया| इस कार्यशाला का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तथा जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में राजकीय,राष्ट्रीय,अंतरराष्ट्रीय तथा गैर सरकारी संगठनों को एक मंच प्रदान करना है| जिससे वह पूर्व तैयारी, रिस्पांस तथा रिकवरी में काम कर सके, इस कार्यशाला में आने वाले 5 सालो में किन-किन मुद्दों पर काम किया जाना है इनकी पहचान की गई तथा साथ-साथ इंटर एजेंसी ग्रुप के चार्टर का पुनर्निर्माण किया गया |
इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर मुख्यमंत्री के योजना कृषि एवं ग्रामीण विकास सलाहकार प्रदीप शर्मा ने भाग लिया तथा राज्य में बनाई जाने वाली योजनाओं के बारे में अवगत कराया | प्रदीप शर्मा ने इंटर एजेंसी ग्रुप को राजीव गांधी युवा मितान क्लब के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया, तथा आपदा जोखिम न्यूनीकरण और जल-वायु परिवर्तन पर युवा मितान क्लब्स की क्षमता वर्धन के लिए प्रोत्साहित किया | श्री शर्मा ने यह भी बताया कि पूर्व में छत्तीसगढ़ में किस-किस तरह की आपदाएं हुई है, जिसमें 1911 का सूखा बहुत ही भयानक था, श्री शर्मा ने जलवायु परिवर्तन की तरफ इशारा करते हुए इस संदर्भ में नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट, सोशल रिसोर्स मैनेजमेंट, पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया | इस कार्यशाला में यूनिसेफ के राज्य प्रमुख जॉब ज़कारिया ने भी भाग लिया तथा अन्य राज्यों में इंटर एजेंसी ग्रुप द्वारा किए गए कार्यों के बारे में जानकारी दी | श्री जकारिया ने यह भी बताया कि केरल बाढ़ 2018 में किस तरह से इंटर एजेंसी ग्रुप में वहां रिस्पांस तथा रिकवरी में अपना योगदान दिया | छत्तीसगढ़ में उन्होंने इंटर एजेंसी ग्रुप में सदस्यों को उनकी तकनीकी विशेषज्ञता के साथ सरकार की योजनाओं को घर घर पहुचने जैसे कार्य तथा साथ साथ राज्य के स्थानीय मुद्दे और जोखिम को कम करने के लिए एडवोकेसी करने पर जोर दिया |

इस कार्यशाला में दिल्ली स्फीयर इंडिया से श्रीमती मोनामी ने भी भाग लिया | उन्होंने इंटर एजेंसी के छमता वर्धन के लिए सहयोग का आश्वासन दिया साथ ही प्राकर्तिक आपदाओं के साथ–साथ मानव जनित आपदाओं पर भी कार्य करने के लिए जोर दिया |
इस कार्यशाला में इंटर एजेंसी ग्रुप की संयोजक श्रीमती पुनीता कुमार ने 5 साल की कार्य योजना तैयार की जिसमें प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं में किए जाने वाले कार्य शामिल हैं| इंटर एजेंसी की एक भूमिका यह भी है कि वह अपने सदस्यों की क्षमता वर्धन करें तथा उनको आपदा के समय विभिन्न मुद्दों पर दक्षता हासिल करवाएं |

इंटर एजेंसी ग्रुप द्वारा जल और स्वच्छता, स्वास्थ्य, पशु प्रबंधन, सामाजिक समावेश, शिक्षा, खाद्य और पोषण सहायता, सूचना प्रबंधन, आजीविका, आश्रय और एनएफआई, बाल संरक्षण तथा लैंगिक मुद्दे आदि पर कार्य करने लिए सहमति बनी साथ ही बच्चों, महिलाओं, विशेष आवश्यकता वाले समूह, थर्ड जेंडर के साथ विशेषकर कार्य करने पर सहमति बनी | इस कार्यशाला में राज्य से 30 से ज्यादा संस्थाओं ने भाग लिया जिसमें ऑक्सफैम, समर्थन आई.जी.एस.एस, सहस्त्र फाउंडेशन नारायणपुर, साथी समाज सेवी संस्थान, कोंडागांव, एम. एस एस वी पी अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ शबरी सेवा संस्थान, कल्प, युवामेता, एमसीसीआर, जीवीटी, धरोवर विकास संसथान, पखुडी सस्थान जैसी समाज सेवी संस्था इत्यादि शामिल रहे |

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