- डीपीआई एवं जेडी के निर्देश पर जांच के नाम से रूका है पदोन्नति
- जांच के विरूद्ध आंदोलन करने पर हो सकती है कानूनी कार्यवाही
रोशन अवस्थी की रिपोर्ट…….
गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत मैनपुर के 2005 और 2007 के शिक्षाकर्मियों के शिकायत उपरांत जांच के नाम से डीपीआई से लेकर जेडी तक के निर्देश पर जांच प्रक्रिया जारी है!जिसके चलते पुरे जिले भर के 552 चयनित शिक्षकों के पदोन्नति पर रोक लगी है! जांच के बाद ही निर्विवाद पदोन्नति करने की बात जिला प्रशासन द्वारा कही जा रही है!वहीं दुसरी तरफ शीघ्र काऊसिंलिंग को लेकर कुछेक शिक्षक संगठन द्वारा एक दिवसीय आंदोलन कि बात कर रहे हैं!प्राप्त जानकारी के अनुसार विधिक सलाहकारों एवं जानकारों का मानना है,यदि शासन के उच्च अधिकारी यदि जांज का आदेश ये कहकर दिये हों कि जांच उपरांत पदोन्नति काउन्सिलिंग प्रक्रिया शुरू होगी!तो उसके विरूद्ध आंदोलन करना शासन के कार्य मे खुला उल्लंघन या बाधा डालने के बराबर होगा!
इससे आंदोलनकारियों के ऊपर कानूनी कार्यवाही और अपराधिक प्रकरण भी दर्ज हो सकता है!जिससे आंदोलनकारी
शिक्षकों को आगे चलकर कानूनी चक्कर में परेशानी हो सकती है!उन्हें शासन के निर्णय अनुसार धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि जांच उपरांत पदोन्नति काऊसिंलिंग प्रक्रिया शुरू करने शासन से लिखित दिशा निर्देश प्रात हुआ है!इस तरह शासन अभी पुरे मामले पर जांच कर रही है!और इसी बीच आंदोलन कर शासन के कार्य में बाधा डालना घातक सिद्ध हो सकता है!
