मूंगझर सरपंच का सचिव पर आरोप.. मटेरियल देने वाले वेंडर का बिल ना लगाकर सचिव ने दूसरे का लगा दिया बिल..

वेंडर से रकम मिलने के बाद आज तक नहीं किया सामग्री का भुगतान, नगद रखे राशि को वापस दिलवाने सरपंच और अन्य पंचों ने एसडीएम और सीईओ के पास किया आवेदन

रोशन अवस्थी@देवभोग। मूंगझर पंचायत एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है.. इस बार पंचायत के सुर्खियों में आने का कारण सरपंच और सचिव के बीच तालमेल का नहीं बैठना है.. पंचायत की सरपंच संजू कश्यप और सचिव महेंद्र ठाकुर ने खुलकर एक दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप प्रत्यारोप लगाकर अधिकारियों को जाँच के लिए आवेदन सौंप दिया है..

पंचायत की सरपंच संजू कश्यप एसडीएम को सौंपे गए आवेदन में सचिव महेंद्र ठाकुर पर आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव के पदस्थ होने के बाद पंचायत में मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत पीलाबंद तालाब पुर्णोद्धार कार्य और आँगनबाड़ी केंद्र कुरलापारा के कार्य को महेंद्र ठाकुर के आने के बाद दोनों कार्य को प्रारम्भ किया गया..निर्माण कार्यों में जिस वेंडर से मटेरियल मंगाया गया था..उसे भुगतान करना था.. लेकिन एफटीओ करते वक्त सचिव ने सरपंच से कहा कि जिससे मटेरियल मंगाए है.. उनका बिल का मनरेगा कार्य में रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है..ऐसे में बिल में भुगतान नहीं हो पायेगा..वहीं एफटीओ एक या दो दिन के लिए खुला है..मैं अपने परिचित वेंडर का बिल लाया हूँ..इनके बिल में भुगतान कर देने पर राशि वापस लाकर उसे मटेरियल देने वाले वेंडर को भुगतान कर देंगे.. इसी के साथ ही मिस्त्री, लेवर और अन्य का भी हिसाब कर लेंगे..

एक दिन के लिए एफटीओ खुलने की कही बात-: सरपंच ने आवेदन में जिक्र किया है कि सचिव ने उनसे कहा था कि एफटीओ मात्र एक दिन के लिए खुला है..आज यदि बिल नहीं लगेगा तो फिर साल भर भुगतान नहीं हो पायेगा..सरपंच ने आवेदन में लिखा है कि मैं महिला सरपंच हूँ और ज्यादा पढ़ी लिखी भी नहीं हूँ..साथ ही सचिव के साथ पहला कार्य होने के कारण बिल में भुगतान के लिए सहमति देते हुए हस्ताक्षर कर दिया..

सचिव को मिल चुका है दो कार्य का नगद राशि-: सरपंच ने आवेदन में आरोप लगाया है कि सचिव ने अपने परिचित का बिल लगाकर आंगनबाड़ी भवन कुरलापारा का अभिशरण राशि 1 लाख 45 हजार और पीलाबंद तालाब पुर्णोद्धार की राशि 8 लाख 50 हजार.. दोनों की कुल राशि लगभग 9 लाख 95 हजार का भुगतान करवा लिया.. इसके बाद सम्बन्धित वेंडर से सचिव ने राशि नगद प्राप्त कर लिया है.. वहीं राशि मिलने के बाद से सचिव लगातार पंचायत से अनुपस्थित है..

सचिव पंचायत के कामकाज में नहीं ले रहा रूचि-: एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में सरपंच संजू कश्यप ने सचिव पर आरोप लगाया है कि सचिव पंचायत के कामकाज में रूचि नहीं लेता.. सरपंच के मुताबिक पंचायत के कामकाज के लिए सचिव को फ़ोन करने पर भी वह फ़ोन रिसीव नहीं करता.. इतना ही नहीं गॉव में दुर्गा पूजा और दशहरा का आयोजन होता है .. इस दौरान पंचायत द्वारा मैदान, गली, नाली सफाई, विधुत, पेयजल संधारण करने के लिए ग्रामवाशी पंचायत से अपेक्षा रखते है..इसके लिए ग्रामवाशियों ने बैठक भी रखा.. और सचिव को बुलाने के लिए उनके देवभोग निवास तक भी गए.. लेकिन इसके बाद भी सचिव नहीं आया..सरपंच ने आवेदन में जिक्र किया है कि सचिव के अभाव में पंचायत का अनेक विकास कार्य प्रभावित हुआ है..सरपंच ने आवेदन में मांग किया है कि सचिव महेंद्र ठाकुर के खिलाफ उचित कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य की राशि सरपंच एवं पंचों को दिलाया जाये… और सचिव का अन्य जगह तबादला करने की मांग भी आवेदन में किया गया है…

मेरे कक्ष का चाबी सरपंच ने छीन लिया-: दशहरा और दुर्गा पूजा के दौरान पंचायत नहीं आने के सवाल पर सचिव महेंद्र ठाकुर ने कहा कि मेरे कक्ष की चाबी सरपंच द्वारा छीन लिया गया और उसे पंडित जी को दे दिया गया.. तब मैं पंचायत नहीं खोल पाया.. चाबी छीनने को लेकर ज़ब हमने सचिव से पूछा की क्या आपने इस मामले से अपने उच्च अधिकारी को अवगत करवाया.. तो सचिव ने नहीं करवाने की बात कही.. वहीं सरपंच द्वारा फ़ोन करने की बात या फिर गॉव के लोगों द्वारा दशहरा में घर बुलाये जाने के सवाल पर सचिव ने कहा कि दशहरा पूजा कोई प्रशासनिक नहीं होता.. वो गॉव का होता है.. उसमें सचिव का किसी प्रकार का कोई भागीदारी नहीं होता.. पंचायत कार्य में रूचि नहीं लेने के सवाल पर कहा कि यह गलत बात है.. मैं जबसे आया हूँ तब से 75 राशन कार्ड बनाया..25 पेंशन पास कराया हूँ..6 परिवार सामाजिक सहायता योजना पास कराया.. पंचायत में किसी प्रकार का जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र का काम अधूरा नहीं है.. हमने पंचायत के लिए जिस वेंडर से सामग्री लाया था.. उसी को भुगतान किया गया है.. किसी प्रकार का नगद राशि मेरे पास नहीं है..

मामले में सीईओ मनहर लाल मंडावी ने कहा कि सरपंच सचिव ने एक दूसरे के खिलाफ आवेदन दिया है.. मामले में दोनों पक्षों के आवेदन के आधार पर जाँच के लिए जाँच कमेटी का गठन किया गया है.. जैसे ही मामले की जाँच पूरी होगी.. और कमेटी अपना रिपोर्ट सौंपेगी.. उसी रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जायेगी…

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