रविंद्र दीक्षित,,,
छुरा-बिंदानवागढ़ क्षेत्र की आदिवासियों का जीवन आज भी अंधेरे में ग्राम पंचायत कोठीगांव आश्रित ग्राम घोटपानी की वृद्धा महिला सुमन भाई सोरी 2011 सर्वे सूची में नाम नहीं होने के चलते पूरी अपनी जीवन बिना लाइट टुटे घर में बितादी पुरी अपना जीवन ना ही जीवन चलाने के लिए पेंशन योजना का लाभ ना ही पक्का घर और नहीं लाइट की रोशनी अंधेरे में बिता दी पूरी जीवन उनकी आंखों का जब इलाज समाजसेवी व रेडक्रास संरक्षक सदस्य ने कराया तब पता चला बिना देखे कैसे जी रही थी उनकी ऐसा हाल था देख भी नहीं पाती थी लेकिन उनके बीते हुए जीवन के बारे में जब पता चला तब समाजसेवी मनोज पटेल ने जाना बिंदानवागढ़ क्षेत्र की आदिवासियों की हालत और लगातार उस क्षेत्र की विशेष पिछड़ी कमार भुंजिया जनजाति लोगों की समस्या दूर करने में अपना पूरा समय देने का कर रहे हैं प्रयास।
