लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत मालगांव में शुक्रवार को सरकारी राशि के बंदरबाट की जांच करने पहुॅची जनपद की टीम बैरंग बिना जांच किए ही वापस लौट गई। जांच का सामना करने के बजाय सरपंच, सचिव, उपसरपंच और पंद नदारत रहे, जो फिर चर्चा में आ गया है।
जानकारी के अनुसार जांच के डर से वे पंचायत ही नहीं पहुॅचे। जिसके चलते जांच के लिए आई टीम को बैरंग लौट गई। इसके बाद टीम ने सात नवंबर को फिर से जांच का निर्णय लिया है। शुक्रवार को ग्राम पंचायत मालगांव में सरकारी राशि के कथित गबन की जांच के लिए पंचायत बैठक आयोजित की थी। जनपद पंचायत की टीम विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आई राशि का मदवार आय-व्यय की जांच भौतिक सत्यापन व मुल्यांकन के लिए पहुॅची थी। ग्रामीणो ने इसके जांच की मांग थी। लेकिन जब निर्धारित समय 11 बजे सुबह टीम पहुॅची तो ग्राम पंचायत में सरपंच, सचिव, उपसरपंच सहित सभी पंच नदारत थे। केवल गिने चुनेे ग्रामीण ही मौके पर पहुॅचे थे। काफी देर तक टीम ने पंचायत प्रतिनिधियो का इंतजार किया, जिसके बाद पंचनामा बनाकर बैरंग लौट गए।।
इस दौरान टीम के साथ ग्रामीणो के साथ हुई चर्चा में पता चला कि टीम ने ग्रामीणो को सुचना देने सचिव को निर्देशित किया था, परंतु सचिव ने किसी भी ग्रामीण को सुचना नही दी। ग्रामीणो को जनपद के माध्यम से ही जांच टीम आने की जानकारी मिली। इसके बाद ही ग्रामीण जांच कार्यवाही हेतु पहुॅचे थे। इधर टीम ने भी इस बात की पुष्टि करते कहा कि पहले से ही उनके आने की सुचना सरपंच, सचिव और पंचायत प्रतिनिधियो को दे दी गई थी। ज्ञात हो कि विगत दिनो ग्राम पंचायत मालगांव के ग्रामीणो ने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौप कर ग्राम पंचायत में विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए आई राशि का मदवार आय-व्यय की जांच भौतिक सत्यापन व मुल्यांकन (सामाजिक अंकेक्षण) करने की मांग की थी। सरकारी राशि के व्यय को लेकर महात्मा गांधी के जयंती के अवसर पर आयोजित ग्रामसभा पंचायत प्रतिनिधियो और ग्रामीणो के बीच विवाद हुआ था। तब जानकारी देने और बिल बाउचर प्रस्तुत करने के बजाया सरपंच, सचिव और उपसरपंच ग्रामसभा से भाग निकले थे। जिसके बाद ग्रामीणो ने एकजुट होकर पंचायत भवन में ताला जड़ दिया था, जिसके बाद मामला ग्रामसभा से उठ कर जिला मुख्यालय तक पहुॅच गया था।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत मालगांव के सरपंच, सचिव और उपसरपंच द्वारा शासन से मिलने वाली विभिन्न योजनाओं की राशि तथा 14वे व 15 वे वित्त के राशि का बिना पंचायत प्रस्ताव के फर्जी बिल बाउचर बनाकर कथित गबन करने का आरोप लगाते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 से आज दिनांक तक मूलभूत, 14वें, 15वें वित्त में बिल व्हाउचर कोटेशन, प्रस्ताव पारित, नजरी नक्षा, प्राक्कलन प्रपत्र, तकनीकि स्वीकृति, प्रशासनिक स्वीकृति, कार्यालय प्रबंध व्यय का विवरण, गौठान में आय-व्यय की विवरण, विभिन्न मद द्वारा किये गये निर्माण कार्य की विवरण, नल-जल योजना की आय-व्यय, बाजार का वसूली आय, तालाब लीज राशि, मकान रोषनी टैक्स की विवरण सहित विभिन्न योजनाओं में आई राशि के जांच की मांग की थी।
इस दौरान प्रमुख रूप से भीम निषाद, सलीम खान, सालिक निषाद, सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

