अखंड सौभाग्य की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं आज गुरुवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाए जाने वाले करवा चौथ का व्रत रखेंगी। चंद्रदर्शन के बाद सुहागिनें पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलेंगी।
ऐसी मान्यता है कि विधि विधान से पूजन अर्चन करने से घर में सुख शांति के साथ धन धान्य की भी वृद्धि होती है। सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए इस व्रत को अवश्य करती हैं। आज सौभाग्यवती स्त्रियां अपने सौभाग्य व पुत्रादि की रक्षा के लिए व्रत रखेंगी।
इस साल करवा चौथ का व्रत बेहद खास रहने वाला है। सालों बाद ग्रहों की खास स्थिति बन रही है, जो इस दिन के महत्व को दोगुना कर रही है। करवा चौथ का व्रत सर्वार्थ सिद्धि, बुधादित्य और महालक्ष्मी योग में रखा जाएगा।
अत्र स्त्रीणामेवाधिकार- अर्थात इस व्रत को केवल स्त्रियों को ही करने का अधिकार है। करवा चौथ के दिन व्रती को नित्यकर्म से निवृत होकर अपने सौभाग्य एवं पुत्र-पौत्रादि तथा निश्चल संपत्ति प्राप्ति की कामना से पूरे दिन निराहार रहकर विघ्नविनशक मंगलकर्ता भगवान गणेश के ध्यान में तत्पर रहकर पूजन अर्चन करना चाहिए। साथ ही रात्रि के चंद्रोदय के उपरांत अन्न जल ग्रहण करने का संकल्प लेकर श्रीगौरी-शंकर, भगवान गणेश व भगवान कार्तिकेय का पूजन करना चाहिए। इस मंत्र का उच्चारण करते हुए करें अर्घ्य
क्षीरसागरसंभूत सुधारुप निशाकर गृहाणाध्यं मया दतं गणेश प्रीतिवध्द्रनम् कृष्णपक्षे चतुर्थ्यां तु पूजितोसि विधुदये क्षिप्रं प्रसादितो देवा गृहाणाध्यं नमोस्तुते संकष्टहर गणेशाय नम: इदंमर्घ्य समर्पयामि ।। मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य देना चाहिए। साथ ही भगवान गणेश को काले तिल का दस लड्डू अर्पित करते हुए आरती कर प्रणाम करने से घर में सुख, शांति व धन-धान्य की वृद्धि होती है। करवा चौथ का शुभ मुहूर्त
अमृतकाल मुहूर्त : शाम 4.08 बजे से शाम 5.50 बजे तक अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11.21 बजे से दोपहर 12.07 बजे तक
शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में भी करवा चौथ को लेकर कपड़े की दुकानों से लेकर जनरल स्टोर्स पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। फल-फूल, माला के साथ ही चूड़ी, बिंदी, कंगन, सिंदूर सहित चलनी, मिट्टी और पीतल के करवा सहित पूजा के लिए उपयोग में आने वाले अन्य सामग्री की काफी खरीदारी की गई। साथ ही मिट्टी के करवा की भी काफी मांग रही।
आज है अखंड सौभाग्य का करवा चौथ
