रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राजराजेश्वरी महामाया माता मंदिर में आज अष्टमी में हवन प्रारंभ होकर नवमी में पूर्णाहुति संपन्न हुआ। सोमवार को 4:37 तक अष्टमी था, उसके बाद नवमी आ गया।
मंदिरों की परंपरा है अष्टमी में हवन प्रारंभ कर नवमी में पूर्णाहुति की जाती है। तदनुसार दोपहर 3:00 बजे हवन प्रारंभ होकर 5:00 बजे के बाद सभी मंदिरों में पूर्णाहुति, महाआरती,महाप्रसादी हुआ। न्यास समिति के सचिव व्यास नारायण तिवारी एवं न्यासी विजय कुमार झा ने बताया है कि शारदीय नवरात्रि स्थापना एवं हवन पूर्णाहुति का कार्य मंदिर के आचार्य पं लालजी त्रिपाठी एवं उपआचार्य संदीप त्रिपाठी द्वारा संपादित कराया गया। हवन में न्यास समिति के अध्यक्ष आनंद शर्मा, वरिष्ठ सदस्य ललित तिवारी, शेखर दुबे, व्यवस्थापक दुर्गा प्रसाद पांडे, विजय शंकर अग्रवाल, उपेंद्र शुक्ला, कृपाराम यादव, सूरज भूटान, कुंजलाल यदु के सानिध्य में लाखों श्रद्धालुओं ने हवन किया। मंदिर समिति ने हवन कुंड में नारियल एवं सुहाग की सामग्री को डालना पूर्णरूपेण प्रतिबंधित किया था। जो शास्त्र सम्मत नहीं है। आरती मंदिर के पुजारी श्रीकांत पांडे, लक्ष्मीकांत पांडे एवं पं मनोज शुक्ला द्वारा किया गया। देर रात गुप्त पद्धति से देवी मंदिरों में ज्योति जवारा का विसर्जन भी किया गया।
राजधानी के शक्तिपीठ मां महामाया मंदिर में बरसते पानी में निश्चित मुहूर्त में हवन संपन्न हुआ लाखों श्रद्धालुओं ने स्वाहा स्वाहा गुंजायमान किया
