बाड़ी मजदूरों को मालिक ने दिखाया बाहर का रास्ता, तो भिलाई निगम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मजदूरों को आश्रय स्थल में दी जगह


दुर्ग. वार्ड क्रमांक 7 कोहका सिरसा रोड चैहान बाड़ी में कार्य करने वाले मजदूरों को वहां के मालिक द्वारा निकाल देने की सूचना पर निगम भिलाई ने संवेदनशीलता के साथ उनके रहने एवं भोजन की व्यवस्था आमोद भवन स्थित आश्रय स्थल में की है। राजस्थान के हनुमानगढ़ से आए हुए मजदूर सतनाम सिंह ने बताया कि जनवरी माह से भिलाई में आए हुए हैं और कोहका के चैहान बाड़ी में काफी दिनों से कपास से रुई निकालने का कार्य कर रहे थे परंतु बाड़ी के मालिक ने लॉक डाउन के इस कठिन परिस्थिति में उन्हें काम से निकाल दिया और मजदूरों के सामने रहने एवं खाने की समस्या खड़ी हो गई है मजदूरों के साथ उनके दो बच्चे भी शामिल है। राजस्थान के कुल 17 मजदूर बाड़ी में कार्य कर रहे थे जिसमें महिलाएं भी सम्मिलित है। जैसे ही सूचना मिली की मजदूरों को कार्य से निकाल दिया गया है और अब इनका कोई भी सहारा यहां पर नहीं है तब महापौर एवं भिलाई नगर विधायक श्री देवेंद्र यादव एवं आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर तत्कालिक रूप से व्यवस्था कराते हुए इनके रहने एवं खाने सहित देखरेख की जिम्मेदारी अधिकारियों को दिया गया है। जहां एक ओर समाजसेवी, विभिन्न संगठन संवेदनशीलता का परिचय दिखाते हुए ऐसे लोगों की मदद कर रहे हैं वहीं बाड़ी मालिक ने इन मजदूरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। वार्ड 12 कॉन्ट्रैक्टर कॉलोनी आमोद भवन के आश्रय स्थल में इन मजदूरों को रखा गया है जिन्हें भोजन के लिए राशन सामग्री प्रदान की गई है तथा इन्हें मास्क भी मुहैया कराई गई है और इनका मेडिकल परीक्षण भी किया गया है।

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