जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी ने अपने पुत्र के नाम के फर्म से लाखों रुपए का कर दिया भुगतान यह मामला पुलिस जांच के घेरा में आ गया है, पांडुका पुलिस ने शिकायत पत्र की जांच शुरू कर दी है।

लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद

जल संसाधन विभाग के संभागीय कार्यालय भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में आ गया है। इस तरह का भी भ्रष्टाचार हो सकता है, ऐसा अंदाज भी नही लगाया जा सकता। भाजपा नेता प्रीतम सिन्हा ने जल संसाधन विभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता और पांडुका के एसडीओ के खिलाफ वार्षिक मरम्मत कार्य मे भ्रष्टाचार किए जाने का मामला पुलिस को सौंपा है। पुलिस के बड़े अफसरों से शिकायत के बाद जांच के लिए शिकायत पत्र पांडुका पुलिस थाना पहुंच गया है। जिसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। इसको लेकर थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर ने बताया कि भ्रष्टाचार किए जाने का शिकायत पत्र मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।
इस भ्रष्टाचार की शिकायत को देखते हुए पांडुका के एसडीओ पूरी तरह से जांच के घेरे में आ गए हैं । इस मामले की जांच होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
बहरहाल पांडुका एसडीओ द्वारा अपने ही पुत्र के नाम फर्म से लाखों रुपये के भुगतान किए जाने का मामला गरमा गया है। शासकीय क्षेत्रों में भ्रष्टाचार को लेकर सरकार भले ही लाख दावा करे कि जीरो टालरेंस की नीति पर काम किया जाएगा, लेकिन ऐसा होता दिख नही रहा है।

भाजपा नेता श्री सिन्हा ने पुलिस को जांच में दिए शिकायत पत्र में कहा है कि भ्रष्टाचार किए जाने का पुख्ता प्रमाण है, इसके संबंधित अधिकारियों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज किया जाए।
जल संसाधन संभाग गरियाबंद के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता एवं वर्तमान एसडीओ जल संसाधन अनुविभाग पांडुका की मिली भगत से वित्तीय वर्ष 2021-22 के वार्षिक मरम्मत मद में बिना कार्य के अनुविभागीय अधिकारी द्वारा अपने ही कार्यालय से फर्जी कार्य दर्शाकर अपने पुत्र आदित्य ट्रेडिंग एंड कंट्रक्सन मटेरियल सप्लायर रायपुर के नाम पर लाखों रुपए आहरण किया गया है। जिसकी शिकायत भाजपा नेता ने छत्तीसगढ़ पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में 08/08/2022 को साक्ष्य सहित किया है। जिस पर पुलिस महानिदेशक के द्वारा पुलिस अधीक्षक गरियाबंद को जाँच कर फर्जी बिल ब्हौचर, पद का दुरुपयोग, भ्रष्टाचार साजिश, शासकीय राशि का गबन एवं कूटरचना करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारी के विरुद्ध प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करने मांग किया है। जिस पर पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी पांडुका को जांच के लिए नियुक्त किया है। जिसमें 08/09/2022 को शिकायतकर्ता का साक्ष्य बयान दर्ज कराया गया है। शिकायत में तत्कालीन कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग गरियाबंद एवं वर्तमान अनुविभागीय अधिकारी पांडुका, सेवानिवृत्त सहायक अभियंता पांडुका और लेखा लिपिक जल संसाधन संभाग के विरुद्ध नौ बिंदुओं पर शिकायत दर्ज किया है, जिसकी प्रतिलिपि जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभिंयता को भी दिया गया है।
इस संबंध में जल संसाधन विभाग के एसडीओ केआर साहू ने कहा कि भ्रष्टाचार का आरोप निराधार है, झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *