भारत जोड़ो पदयात्रा की धमक से बिहार में सत्ता परिवर्तन- अश्वनी साहू

पाटनकांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृषि उपज मंडी अध्यक्ष अश्वनी साहू ने कहा कि- अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के उदयपुर संकल्प शिविर में पारित भारत जोड़ों पदयात्रा के प्रस्ताव मात्र से ही देश में सत्ता परिवर्तन का संकेत होने लगा है, आजादी के पूर्व महात्मा गांधी ने नारा दिया था “अंग्रेजों भारत छोड़ो” पर अब स्थिति बदल गई है 2014 से मोदी जी की सरकार के आने के बाद देश की सूरत बुरी तरह बदल गई है, सरकारी उपक्रम की बिक्री रेलवे, एयरपोर्ट, एलआईसी, 3 कृषि कानून के नाम पर किसानों से धोखा, नोटबंदी, बेरोजगारों के साथ विश्वासघात, कोरोना कार्यकाल में देशवासियों के साथ किए गए दुर्व्यवहार, राज्यों की सरकार गिराने का घिनौना हरकत कर प्रजातंत्र की हत्या करना, देश के अन्नदाता किसानों को आतंकवादी, परजीवी कह कर अपमान करना, आसमान छूती महंगाई, डीजल, पेट्रोल ,रसोई गैस का कीमत बढ़ाना, खाद्य पदार्थो की कीमतों में बढ़ोतरी, विपक्षी नेताओं के घर सीबीआई एवं ईडी अन्य एजेंसी के माध्यम से विपक्षी नेताओं को डराने धमकाने काम हो रहा है यह सब प्रजातंत्र को समाप्त कर तानाशाही हुकूमत का संदेश दे रहा है।

अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी के अहवान पर भारत जोड़ो पदयात्रा के आगाज मात्र से भारतीय जनता पार्टी के नरेंद्र मोदी की सरकार की जड़े हिला दी है, आजादी के बाद देश में 9 अगस्त, अगस्त क्रांति दिवस से कांग्रेस पार्टी का सभी विधानसभा क्षेत्रों में 75 किलोमीटर की पदयात्रा प्रारंभ हुई है, भारत जोड़ो पदयात्रा के धमक मात्र से ही बिहार में सत्ता परिवर्तन हुआ, यह कोई साधारण घटना नहीं है ? क्रांतिकारियों की भूमि बिहार में लोकसभा चुनाव के पूर्व सत्ता परिवर्तन होने से भाजपा की पैरों तले जमीन खिसक गई है, परिणाम स्वरूप श्री मोदी जी की सरकार लगातार विपक्षी नेताओं को डराने धमकाने का काम कर रही है।

स्मरण हो भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के रथ यात्रा को भी इसी बिहार की धरती में तात्कालिक मुख्यमंत्री श्री लालू प्रसाद यादव ने रोका था और आज उसी बिहार की धरती ने साबित कर दिया की नरेंद्र मोदी की साम्राज्यवाद की घोड़े कीलगाम पकड़ कर रोक दिया गया। 2 अक्टूबर से कांग्रेस के युवा नेता श्री राहुल गांधी महात्मा गांधी के जयंती के दिन से कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत जोड़ो पदयात्रा की शुरुआत करने वाले हैं पदयात्रा से निश्चित रूप से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह और ऊर्जा भरेगा वरन आने वाले आम चुनाव में भाजपा पुराने दिनों में आ जाएगी और हिंदुस्तान के नागरिक भी पुराने दिनों में आ जाएगी क्योंकि अच्छे दिन भारत के मतदाताओं को पसंद नहीं है बीते आठ वर्षों में लोगों को लगने लगा है कि हमारे पुराने दिन ही अच्छे थे, अच्छे दिन का सब्जबाग दिखाकर नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में कदम रखा लेकिन परिणाम देश के लिए भयावह रहा।

श्री साहू ने आगे कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक की पदयात्रा में छत्तीसगढ़ सरकार की योजना एवं संगठन के कामकाज का मूल्यांकन पूरे देश में दिखेगा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का राष्ट्रीय राजनीति में स्थान ध्रुव तारा की तरह स्थापित होगा, क्योंकि रमन सिंह के 15 साल के विकास रथ को रोकने वाला कोई योद्धा था तो वो भूपेश बघेल ही था।

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