देवभोग न्यूज़…. छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला गरियाबंद के समस्त अधिकारी कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जाने से सरकारी दफ्तर सूने पड़े हुए हैं ।इसी क्रम में हड़ताल में अब तहसीलदार संग हुआ न्यायालय संघ के अधिकारी कर्मचारी भी अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल हो गए हैं।
राज्य शासन से विगत दोवर्ष से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी अपने दो सूत्रीय मांगों को लेकर निरंतर संघर्ष करते आ रहे हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को अनेकों माध्यम से अपनी जायज मांगों को लेकर अवगत भी करा चुके हैं। लेकिन राज्य सरकार द्वारा इनकी मांगों को लेकर हमेशा से ही अनसुनी करती आ रही है। जिसके चलते छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन विवश होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को विवश हो गए हैं ।जिसका सीधाअसर आज पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में देखने को मिल रहा है। अनिश्चितकालीन आंदोलन के प्रथम दिवस में लिपिक संघ के कर्मचारियों का हड़ताल में शामिल होने का आशंका बना हुआ था। लेकिन लिपिक कर्मचारियों ने हड़ताल में उपस्थित होकर बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई । गरियाबंद जिले के लगभग 35 से करीब 50 लिपिक कर्मचारियों ने फेडरेशन का लगातार समर्थन करते हुए सरकार को अपनी दो सूत्रीय मांग को लेकर अवगत कराई है।
गरियाबंद जिला के जिला संयोजक प्रदीप वर्मा ने अमन पथ के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा 15 अगस्त 2022 के अमृत महोत्सव के पावन पर्व पर कर्मचारी अधिक के बीच सरकार के द्वारा फूट डालने का प्रयास लगातार किया गया। 15 अगस्त 2022 के अमृत महोत्सव के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र के समान दे राशि से हमेशा मुखरता आ रहा है ।और राज्य सरकार द्वारा कुछ संघ के साथ मिलकर कर्मचारियों के साथ फूट डालने का प्रयास भी कर रही है ।राज्य सरकार के 6 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का वादा अब तक किया गया है ।लेकिन राज्य सरकार द्वारा 6प्रतिशत महंगाई भत्ते दिए जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन हमेशा असंतुष्ट रहते हुए जब तक उनको केंद्र के समान महंगाई भत्ता व गृह भाड़ा नहीं दिया जाएगा। तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। और अपनी दो सूत्रीय मांगों को सरकार जब तक पूरा नहीं करेगी तब तक राज्य भर के करीब 90 संघ के द्वारा आज से जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं करेंगे तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे व सरकार को लगातार चेतावनी देते रहेंगे।
जिले के प्रत्येक ब्लॉक के अधिकारी कर्मचारी अपनी दो सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। देवभोग मुख्यालय में अनिश्चितकालीन हरताल मे बैठे वन विभाग के जिला महासचिव दिनेश चंद्र पात्र का कहना है कि सरकार के खिलाफ अब जंगल से लेकर शहर तक की हड़ताल ही हड़ताल रहेगा। और जब तक सरकार हमारी दो सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक हम छत्तीसगढ़ के करीब चार लाख से अधिक कर्मचारी अधिकारी अपनी मांगों को लेकर अडिक रहेंगे।
राज्य सरकार की सरी कामकाज चरमरा गई….
छत्तीसगढ़ राज्य के समस्त कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से करीब 90 विभाग का कामकाज मे आज ताला लगा हुआ है। और विभाग के सारे कामकाज सब चौपट हो गए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या इस बार सरकार इनकी मांगों को पूरा करती है या हर बार की तरह उन्हें बैरंग वापस खाली हाथ लौटना पड़ सकता है।
