आईएसबीएम विश्वविद्यालय में सद्भावना शपथ एवं रैली

छुरा-आईएसबीएम विश्वविद्यालय में भारत के दिवंगत भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की स्मृति में सद्भावना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दूसरों के लिए अच्छी भावना रखना, सभी धर्मों के बीच सामुदायिक समरसता रखना, राष्ट्रीय एकता, शान्ति, प्रेम और लगाव को लोगों में बढ़ावा देने के लिए मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने अपने उद्बोधन में कहा कि इसे समरसता दिवस तथा राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा दिवस के नाम से भी जाना जाता है। यह महत्त्वपूर्ण दिवस भारत के 6वें प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। राजीव गांधी एक दूरदर्शी प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने सैन्य तख्तापलट और आतंकी संगठनों के खिलाफ मदद बढ़ाकर कई देशों में शांति बहाल करने का सराहनीय प्रयास किया था। विश्वविद्यालय के अकादमिक अधिष्ठाता ने सद्धभावना दिवस के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1984 से 1989 तक प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी के नेतृत्व में सरकार ने देश और दुनिया में शांति और सद्भाव स्थापित करने के लिए एक मुखर नीति अपनाई । सद्भावना एक हिंदी शब्द है, जिसका अर्थ है शांति और सद्भाव। साथ ही भारत के प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी द्वारा भारत और पड़ोसी देशों में शांति की बहाली की दिशा में किए गए तमाम प्रयासों के लिए मनाया जाता है। विश्वविद्यालय के कला एवं मानविकी संकाय के विभागाध्यक्ष ने स्वागत उद्बोधन में बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में प्रतियोगियों द्वारा प्राप्त प्रतिष्ठा को जानने के लिए राजीव गांधी संस्था द्वारा इस दिन राजीव गाँधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार वितरित किया जाता है। यह पुरस्कार हर वर्ष राजीव गांधी के जन्मदिन पर 20 अगस्त को आयोजित एक समारोह में दिया जाता है। ततपश्चात क्रमशः रासायनशास्त्र और गणित के प्राध्यापक ने राजीव गांधी द्वारा किए गए उनके अविस्मरणीय प्रयास, राष्ट्र प्रगति के कार्य तथा उनके द्वारा किए गए अन्य अभूतपूर्व योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन समाजशास्त्र के प्राध्यापक ने तथा संचालन हिन्दी के प्राध्यापक ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा सद्भावना रैली निकाली गई तथा कुलसचिव महोदय द्वारा सभी को शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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