धमतरी जिले में 01 से 14 अगस्त तक चलाया जा रहा सर्विलेंस अभियान

  • खाद्य तेलों की गुणवत्ता एवं शुद्धता के संबंध में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा

धमतरी. भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने खाद्य तेलों के खुले विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। प्राधिकरण के निर्देश अनुसार एगमार्क प्रमाण पत्र के अधीन ही दो या दो से अधिक खाद्य तेलों का मिश्रण किया जा सकता है। इसके मद्देनजर जिले में एक से 14 अगस्त तक खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिले में सर्विलेंस अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत खाद्य सुरक्षा अमले द्वारा जिले में खाद्य तेलों के सर्विलेंस नमूने लिए जाएंगे। इस दौरान खुले खाद्य तेलों के विक्रय, बिना एगमार्क प्रमाण पत्र के विभिन्न तरह के खाद्य तेलों का मिश्रण कर बेचने वालों पर निगरानी रखी जाएगी। ज्ञात हो कि खाद्य तेल में मिलावट एवं अधिक मात्रा में ट्रांसफैटी एसिड होने से यह खाद्य तेल को लम्बे समय तक सुरक्षित रखता है, लेकिन शरीर में होने वाले नुकसान जैसे मोटापा, मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, लीवर सहित अन्य घातक बीमारियों को बढ़ाता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक खाद्य तेल में पाए जाने वाले ट्रांसफैटी एसिड को 2022 में दो प्रतिशत और 2023 तक शून्य करने का लक्ष्य रखा गया है। गौरतलब है कि अभियान के तहत स्थानीय ब्रांड के साथ ही ऑल इंडिया ब्रांड के तेलों के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर भेजा जाएगा।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *