रायपुर. कोरोना वायरस के कारण पूरे विश्व मे व्यापार, उद्योग धंधे सब चौपट होने लगे है। केंद्र सरकार द्वारा 20 अप्रेल से कुछ व्यवसाय में थोड़ी राहत दी है। कुछ लॉकडाउन खुलने से स्थितियां सामान्य होने के बाद व्यवसाय तो अपनी पटरी पर वापस लौट आएंगे। लेकिन फोटोग्राफी व्यवसाय को कम से कम एक साल के लिए ग्रहण लग जाएगा । ऐसे स्थिति में फ़ोटो ग्राफरो के सामने भूखे रहने तक कि स्थिति आ सकती है।
वर्तमान समय मे फोटोग्राफी व्यवसाय मुख्यतः शादी ब्याह जैसे बड़े आयोजनों पर ही निर्भर है और शादियों का मुहूर्त मार्च-अप्रैल और मई माह में ही थे इन्हीं माह के व्यवसाय से फोटोग्राफी व्यवसाय करने वाले अपने पूरे साल का खर्च निकालना होता है । लेकिन कोरोनावायरस के संक्रमण के बचाव के कारण अब इन आयोजनों को स्थगित कर दिया गया है और लॉक डाउन के बाद भी जो कि आयोजन होंगे वह छोटे और सामान्य रूप से होंगे ऐसे में फोटोग्राफर को काम अगले साल के सीजन में ही मिलना संभव हो पाएगा । आज की प्रतिस्पर्धा भरी व्यवसायिक दौड़ में सभी फोटोग्राफरों ने कर्ज पर सामान ले रखा है जिनका कि उन्हें अब अतिरिक्त क़िस्त भी देना पड़ेगा वह भी उनके लिए एक दुष्कर कार्य है । अगर सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो या व्यवसाय पूरी तरह बंद होने के कगार पर आ जाएगा और फोटोग्राफरों को या तो अपना व्यवसाय बदलना पड़ेगा या भूखों मरने की नौबत आ जाएगी और लोग आसानी से कोई दूसरा व्यवसाय भी नहीं अपना सकते क्योंकि बाकी वैसा भी आर्थिक तंगी की मार झेल रहे हैं इसीलिए विभिन्न फोटोग्राफर संगठन सरकारों से मदद मांगने लगे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ प्रदेश फोटोग्राफर वेलफेयर एसोसिएशन ने भी अपनी 5 सूत्री मांगे का ज्ञापन विधायक विकास उपाध्याय के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भेजा है साथ ही डिजिटल माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को दिया ज्ञापन भेजा गया है। इसी के साथ 21 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में विभिन्न फोटोग्राफर संगठनों के माध्यम से एसडीएम, कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे साथ ही मुख्यमंत्री के फेसबुक पर और ट्विटर हैंडल पर लोग अपनी मांग रखेंगे।
