परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद। शासन द्वारा आम नागरिकों के लिए अनेक योजना संचालित की है।लेकिन इसके मॉनिटरिंग के लिए जिन अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी दी गई है वे अपने कर्तव्यों के विपरित कार्य कर रहे है।जिसके चलते गरीबों को उनके हक और योजना का समुचित लाभ नही मिल पा रहा है।
कुछ ऐसा ही मामला गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर ब्लॉक में देखने को मिला। जंहा शासन द्वारा हितग्राहियों के लिए दिए गए प्रति सदस्य 5 किलो अतिरिक्त चांवल आज तक हितग्राहियों को नही मिल पाया। सेल्समैन और इसके ऊपर बैठे इनके आकाओ द्वारा गरीबों को दी जाने वाली अतिरिक्त चांवल में सेंधमारी कर दिया।जिसके चलते हितग्राही शासन की अति महत्वपूर्ण योजना से वंचित हो गया और इस चांवल को सेल्समैन डकार गए।लेकिन मॉनिटरिंग के लिए बैठे जिम्मेदार अधिकारी केवल एसी रूम में बैठे ही दस्तावेजों में रिपोर्ट उच्च विभाग को भेज रहे है।इनके द्वारा धरातल पर कोई काम नही किया जा रहा है क्योंकि इनका वेतन तो इन्हे समय पर मिल ही जा रहा है।जिसके चलते चांवल वितरण जैसे सरकार की महत्वपूर्ण योजना में जमकर मनमानी लगातार जारी है।
मामले को लेकर news24 carate की टीम ने फिंगेश्वर ब्लॉक के राजिम नगर,पितईबंद ,किरवई सहित दर्जनों गांवों के सैकड़ों राशन कार्डधारियों से मिलकर उनके राशन कार्ड का पड़ताल किया और लोगो से जानकारी लिया तो एक बड़े मामले का खुलासा हुआ।शासन द्वारा अप्रैल माह में अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्डधारियों को प्रति सदस्य 5 किलो अतिरिक्त चांवल निशुल्क देने का निर्देश दिया था।जिसका आवंटन मई माह में राशन दुकानों को मिला था और इसी माह में इस अतिरिक्त चांवल को वितरण करने का निर्देश दिया था।लेकिन ज़िम्मेदारो ने योजना के तहत दी जाने वाली अतिरिक्त चांवल में डांका डाल ,पात्र हितग्राहियों को अतिरिक्त चांवल वितरण ही नही किया।
यहा तक की कईयों हितग्राहियों को शासन की इस योजना के बारे जानकारी भी नही। ऐसे में हितग्राही को पीडीएस जैसे योजना का लाभ न मिलना जिम्मेदार अधिकारीयो के कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
अधिकारियों का गैर जिम्मेदाराना जवाब,बिना जांच किए लापरवाहो का पक्ष लेने में लगे है
इतने बड़े योजना में लापरवाही और चांवल वितरण में गड़बड़ी की जानकारी मीडिया द्वारा राजिम एसडीएम अविनाश भोई को दिया गया था।उसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।जिसके बाद पुन जब एसडीएम से इस मामले को लेकर जानकारी ली गई तो न्याय की कुर्सी पर बैठे इस जिम्मेदार अधिकारी ने मीडिया को गैर जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा कि शिकायत करवाओ जांच करवाता हु।अब सवाल ये है की इन अधिकारियों को शासन ने किस कार्य के लिए रखा है?जिसे अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति कोई सरोकार ही नही।क्या जानकारी होने के बाद मामले को संज्ञान में लेकर अपने अधिकारियों से जांच नही करवा सकते?राशन जैसे शासन की महत्वपूर्ण योजना में गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद भी आखिर लिखित शिकायत की बात करने वाले अधिकारी को अपने दायित्व के प्रति कितना गंभीर है उनके इस जवाब से ही अंदाजा लगाया जा सकता है।वही इसी तरह के गैर जिम्मेदाराना जवाब भी खाद्य निरीक्षक सोनाली ठाकुर से भी सुनने को मिला। जिसने मीडिया को यह तक कह दिया कि मैं मान ही नही सकती सेल्समैन ऐसे गलती किए होंगे।अब मैडम के कार्यों पर तो पूरा सवाल उठने लगा है की चांवल गड़बड़ी जैसे मामलो में कन्ही इनका भी तो संरक्षण नही।क्योंकि जिम्मेदार अधिकारी का बिना जांच किए इस तरह का जवाब देना किसी के भी गले से नही उतरेगा।ये वही अधिकारी है जिसे खाद्य विभाग फिंगेश्वर ब्लाक में खाद्य निरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ साथ मांंटरिंग का दायित्व भी है।लेकिन इन्हे शासन के कार्यों और अपने कर्तव्यों के प्रति तनिक भी गंभीर नहीं है।हालांकि की मीडिया के दखल के बाद अब खाद्य निरीक्षक जांच के नाम पर खाना पूर्ति तो जरूर कर रहे है।लेकिन अब तक कोई उचित कार्यवाही होता नही दिखाई दे रहा है।
