परमेश्वर कुमार साहू@गरियाबंद। शासन ने आम जनता की हितो को ध्यान में रखकर अनेक योजना बनाई है। जिसके बेहतर संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए शासन द्वारा तरह-तरह के जतन किए जा रहे है। शासन की मंशा रही है कि योजनाओं का लाभ हर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को नही मिल पा रहा है। जिम्मेदारों की लापरवाही इस कदर है कि शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं पर भी डाका डालने में लगे है।मामला गरियाबंद जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत बरबाहरा का है। जहां के सेल्समैन हरीश साहू ने गरीबों के राशन में डाका डाल दिया।शासन की महत्वपूर्ण योजना में हेराफेरी कर राशन कटौती कर हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम वजन चांवल देकर दर्जनों क्विंटल चावल डकार गया। इस मामले को लेकर news24carate की टीम ने ग्राम पंचायत बरबाहरा व उसके आश्रित ग्राम नयापारा और आमझर में पड़ताल किया तो एक बड़ी लापरवाही सामने आया। आपको बता दें की यह क्षेत्र पूर्ण रूप से आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है।जहा जनजातीय समुदाय के लोग बहुतायत में रहते है।जिसका फायदा उठाकर सेल्समैन और जिम्मेदारों द्वारा राशन में कटौती कर लिया। जिसकी जानकारी पड़ताल के दौरान मिली। जिसमें सैकड़ों हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया गया। इस पूरे मामले में सरपंच सचिव की मिलीभगत से भी इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि उक्त राशन दुकान के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को दी गई है और पंचायत द्वारा ही सेल्समैन की नियुक्ति की गई है। ऐसे में जब इस तरह की लापरवाही राशन वितरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सेल्समैन करे और सरपंच सचिव को पता न हो ये बात किसी को भी हजम नही होगा।वहीं इस बारे में जब हरीश साहू सेल्समैन से पूछा गया तो पहले तो गोलमोल जवाब दे रहे है। फिर बाद में गलती स्वीकारते हुए बताया कि 30 क्विंटल चांवल अतिरिक्त पड़ा हुआ है। जिसको पिछले माह नही मिला है उसको वितरण कर दूंगा, तो इस बारे में सरपंच बैशाखू सोरी और सचिव रमेश सिन्हा ने मामले की अनभिज्ञता जाहिर करते हुए गोल मोल जवाब देने में लगे थे।
वर्जन
आपके द्वारा जो मामले की जानकारी दिया जा रहा है। उसकी जांच करवाता हूं, इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।जे.जे.नायक ,खाद्य अधिकारी गरियाबंद।
