पाटन। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम देउरझाल में शिक्षक ओमन मारकंडे ने पर्यावरण संरक्षण में अपनी सहभागिता देने के उद्देश्य से अपने निवास के पास चीकू का पौधा रोपित कर उसे संरक्षित करने का संकल्प लिया। इस बार विश्व पर्यावरण दिवस 2022 ‘ओनली वन अर्थ’ थीम के साथ मनाया जा रहा है। पर्यावरण में फैला प्रदूषण धीरे-धीरे वैश्विक संकट बनते जा रहा है। जिसके प्रति लोगों को जागरूक करने का दिन ही है प्रकृति दिवस। इसके खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए ही इस दिन की शुरुआत की गई। प्रदूषण से पृथ्वी से लेकर वायु मंडल व इस पर रहने वाले सभी जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। वनों की अनियंत्रित कटाई इसका मुख्य कारण है। जिसके परिणाम स्वरूप बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग, चक्रवात, बाढ़, तूफान आदि का खतरा दुनिया पर मंडरा रहा है। वैज्ञानिक व पर्यावरणविद् लगातार इसे लेकर लोगों को जागरूक होने की संदेश दे रहे हैं, ऐसे में सामूहिक पौधारोपण की अधिकाधिक आवश्यकता है। यदि एक पेड़ काटते हैं तो अपने लिए न सही अपनी आने वाले पीढ़ी के लिए सैकड़ों पौधे लगाएं है। इस अवसर पर देवला, रूखमणी, रामबगस, खिलावन , गंगोत्री ,सीमा, रूचि, सार्थक, प्रत्यूष उपस्थित थे।
” ओनली वन अर्थ ” की थीम पर मना विश्व पर्यावरण दिवस
