रानीतराई— पति ने मामूली विवाद पर गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या का रुप देने के लिए लाश को फांंसी पर टांग दिया। सूचना पर पुलिस ने मौका मुआयना किया। पुलिस ने आत्महत्या समझकर मर्ग कायम कर लिया पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि महिला ने फांसी नहीं लगाई, बल्कि गला दबाने से उसकी मौत हुई है।
रानीतराई पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर नए सीरे से जांच शुरू की, और मामले का खुलासा हो गया। पुलिस के मुताबिक बीते 17 मई को पुलिस को सूचना मिली की ग्राम बोरेंदा निवासी राजकुमारी यदू (25)पति घनश्याम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। मृतिका का पोस्टमार्टम शासकीय अस्पताल पाटन में कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया कि राजकुमारी की मौत मुंह व गला को दबाने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने धारा 302 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस को सबसे पहले मृतका के पति घनश्याम पर संदेह हुआ। उसी ने आत्महत्या की सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने संदेह के आधार पर घनश्याम से पूछताछ की। घनश्याम अपना बयान बार-बार बदलता रहा। कडाई से पूछताछ करने पर अपराध स्वीकार किया। बताया कि वह अपनी पत्नि एवं बच्चे को लेकर अपने ससुराल मंदिर हसौद पूजा कार्यक्रम में गया था। जहां ससुराल वालों द्वारा उसके साथ मारपीट किया गया। उसी बात को लेकर उसकी पत्नी से उसका आए दिन दिन झगडा होता था। घटना के दिन उसी बात को लेकर पति पत्नी दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में घनश्याम ने खाट में रखे कथरी से अपनी पत्नी के मुंह को दबाकर तथा एक हाथ से गला को दबा दिया। राजकुमारी बेहोश हो गई। घनश्याम ने गमछे से उसका गला को दबाकर हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या बताने के लिए उसने राजकुमारी के गले में साड़ी बांधकर फांसी पर लटका दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा दिया गया।
मामला सुलझाने में ओएसडी पाटन देवांश राठौर, थाना प्रभारी मनोज प्रजापति, एएसआइ नकुल प्रसाद ठाकुर, प्रधान आरक्षक लोकेश लहरी, आरक्षक तुलेश धनकर, तालेंद्र चंद्राकर,धनंजय सिन्हा,लक्ष्मी नारायण,डेकेश बंछोर, तुकाराम निर्मलकर की महत्ती भूमिका रही।
