परमेश्वर कुमार साहू@रायपुर, ब्यूरो रिपोर्ट।
एक बार फिर गरियायाबंद जिले के छुरा ब्लॉक के एक आदिवासी अधेड़ ग्रामीण को हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही से अपना पैर कटवाना पड़ा।जी हा हम बात कर रहे है स्वास्थ विभाग की लचर व्यवस्था और निजी हॉस्पिटलों की मनमानी की।जंहा एक लचर गरीब आदिवासी को उनके पैर में नस प्रॉब्लम होने पर बीते साल सोनी मल्टी हॉस्पिटल अभनपुर में एडमिट करना पड़ा था।जिस हॉस्पिटल में एडमिट किया गाय था, वह राजधानी रायपुर के अभनपुर ब्लॉक मुख्यालय में सोनी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता है। जंहा गरीब आदिवासी अधेड़ के पैर में नस के प्रॉब्लम होने की वजह से हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा 18 दिन आईसीयू में भर्ती किए रखा था।पीड़ित व उसकी परिवार की बात माने तो पीड़ित मरीज खुद अपने पैरो से चलकर उस समय इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुंचा था।लेकिन उसे क्या पता था की जिस नस की समस्या के वजह से उसे इलाज कराने हॉस्पिटल जाना पड़ा था,उसे डॉक्टरो और हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से अपना पैर कटवाना पड़ेगा।वैसे तो अभनपुर का यह हॉस्पिटल अपने कारनामों को लेकर हमेशा विवादो में घिरा रहता है।लेकिन इस बार लोगो की स्वास्थ के साथ खिलवाड़ करने का जो मामला सामने आया है इससे धरती का भगवान कहे जाना वाला यह डॉक्टर लोगो के लिए यमराज साबित हो रहा है।एक ऐसा ही मामला न्यूज24 कैरेट के हाथ लगा है जिसका जल्द खुलासा कर हॉस्पिटल प्रबंधन की करतूतों को उजागर किया जाएगा।
वही इस मामले को लेकर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल अभनपुर के संचालक प्रज्वल सोनी को जब मामले की जानकारी लेने फोन किया गया तो उन्होंने फाइल देखने के बाद ही कुछ बता पाने की बात कही।


