अनिता देवांगन @ न्यूज़24कैरेट राजिम। छत्तीसगढ़ियों में भी कला कूट कूट कर भरी है इसमें कोई दोराय नहीं है। आज 16 मई को राग दरबारी धुन में बना भगवान श्री कुलेश्वर महादेव जी का भव्य गीत “हे कुलेश्वर महादेव” टी-सीरीज से दोपहर 2 बजे रिलीज़ होने वाला है। यह गीत कोपेश्वर महादेव, भूतेश्वर महादेव, चम्पेश्वर महादेव, पटेश्वर महादेव, बम्हनेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जी के गुणों का बखान है। यह गीत मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी के वन गमन पर आधारित है। भगवान श्री राम, मां सीता और भाई लक्ष्मण के साथ राजिम आए थे और यहां पर भगवान कुलेश्वर की पूजा अर्चना कर उनकी स्थापना की। राग दरबारी धुन में बना यह कर्णप्रिय मधुर संगीत छत्तीसगढ़ रायपुर के आलाप म्यूजिक स्टूडियो में रिकॉर्डिंग हुई जिसको मधुर आवाज किशन देवांगन, ऐश्वर्या पंडित, जितेंद्रियम देवांगन और फागू तारक ने दिया है। संगीत आलाप म्यूजिक स्टूडियो रायपुर में बनाया गया है, जिसके संगीतकार जितेंद्रियम देवांगन हैं। इस वीडियो के डायरेक्टर और कोरियोग्राफ़र पद्मा देवांगन है जो कि कथक नृत्य में मास्टर डिग्री प्राप्त नृत्यांगना हैं। गीत के लेखक राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ मुन्नालाल देवदास हैं। इस गाने के मनमोहक नर्तक निशांत प्रधान और शिवानी तंबोली हैं जो कथक नृत्य के नर्तक हैं। गीत के कोरस गायिका बैजन्ती यादव, पिंकी साहू और कंचन जोशी हैं। शास्त्रीय गायक किशन देवांगन एक उम्दा शास्त्रीय गायक है, जो कि हिंदुस्तान के कई मेट्रो सिटी में प्रोग्राम दे चुके है, गाने की शूटिंग छत्तीसगढ़ के पंचकोशी धामों में और कुलेश्वर मंदिर, सीताबाड़ी और लोमश ऋषि आश्रम में भी हुई। यह राग दरबारी हिंदी भजन है।
हे कुलेश्वर महादेव गीत के को-आर्टिस्ट अनिता देवांगन, प्रियंका गंधर्व, गरिमा साहू, गीतिका अवसरिया, गीतांजलि साहू, ईश्वर साहू, डायमंड साहू, इंद्र कुमार तारक, घना नागरची, विकास साहू, हरीश साहू, तुलाराम साहू हैं।
गाने की विशेषताएं – इस गाने में छत्तीसगढ़ के संस्कृति, संस्कार, सामाजिक समरसता, एकरासता, एक दूसरे के प्रति प्रेम भावना की बखान है। जब भगवान श्री राम को वनवास हुआ था तो मां सीता और लक्ष्मण के साथ भगवान श्री राम जी ने महादेव जी को पूजा। राजिम के महानदी की पवित्र धारा को प्यार दुलार का प्रतीक बताते हुए छत्तीसगढ़ के गुणों का बखान किया है। राजिम में महाशिवरात्रि के समय भव्य कुंभ मेला का बखान किया गया है, जब लोग दूर-दूर से इस पवित्र कुलेश्वर धाम में महाशिवरात्रि की ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र त्रिवेणी संगम (पैरी-सोंढूर-महानदी) में स्नान कर विधिवत् कुलेश्वर महादेव जी का पूजन,अर्चन, दर्शन और वंदन कर माघी पूर्णिमा मेले का आनंद लेते हैं।
